ओपल रत्न पति-पत्नी क्लेश को दूर करता है

ओपल रत्न पति-पत्नी क्लेश को दूर करता है (Opel gemstone remove spouse problem)  ओपल रत्न शुक्र ग्रह के प्रभाव को बढ़ाने लिए धारण किया जाता है। हीरे ( Diamond ) के दो उपरत्न है 1. जरकन 2. ओपल । हिंदी में ओपल रत्न को दूधिया पत्थर के नाम से जाना जाता है। ओपल को तुला,वृष लग्न तथा राशि वाले या जिसके कुंडली (Horoscope) में शुक्र (Venus) योगकारक ग्रह के रूप में हो तो ओपल/दूधिया पत्थर (Opel gemstone)  धारण करना चाहिए।

 

ओपल पहनने से पति-पत्नी (Spouse, Husband-Wife ) प्रेमी-प्रेमिका के बीच यदि खराब सम्बन्ध है तो शीघ्र ही दूर करता है और मान-सम्मान में बृद्धि करता है। ओपल पत्थर एक प्रकार के धातु से बना जैल है जो बहुत ही कम तापमान पर चूना पत्थर, बलुआ पत्थर, आग्नेय चट्टान, मार्ल और बेसाल्ट जैसे चट्टान की दरारों में इकठ्ठा होने से बनता है। इसका प्रयोग मोती का विकल्प के रूप में भी किया जाता है।

ओपल रत्न

ओपल रत्न मुख्य स्रोत एवं स्वरूप (Resource of Opel gemstone)

ओपल रत्न मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है। आस्ट्रेलिया अकेले ही दुनिया का लगभग 95% ओपल पैदा करता है। अन्य देशो में भी ओपल रत्न पाया जाता है यथा — अमेरिका, ब्राजील, मैक्सिको चेकोस्लोवाकिया और दक्षिणी अफ्रीका में भी ओपल का उत्पादन होता है।
ओपल रत्न कई अलग अलग हलके हलके रंगों में पाया जाता है। ओपल में आयरन आक्साइड होने के कारण लाल रंग एवं मैंगनीज आक्साइड और जैविक कार्बन के कारण काले रंग में मिलता है।

ओपल रत्न किसे पहनना चाहिए ( Who should wear Opel gemstone)

ज्योतिष के अनुसार ओपल रत्न शुक्र ( Venus)  ग्रह के प्रभाव को बढ़ाने के लिए धारण किया जाता है। जिस जातक की जन्मकुंडली (Horoscope) में तुला तथा वृष लग्न हो या जिसकी जन्मराशि तुला या वृष हो वह ओपल रत्न पहन सकता है। वही कुंडली में जब शुक्र योगकारक ग्रह के रूप में हो तो आप पहन सकते है। जिस व्यक्ति की जन्मकुंडली में कर्क लग्न और मकर लग्न की जन्मकुंडली में में केवल शुक्र योगकारक ग्रह हो सकता है अन्य लग्न की कुंडली में नहीं। अतः इस लग्न की कुंडली वाले ओपल रत्न पहन सकते हैं।

opel5-min (1)

ओपल रत्न पहनने से लाभ (What benefit to wear Opel gemstone )

ओपल या दूधिया पत्थर पहनने से निम्नलिखित लाभ शीघ्र ही मिलता है और यदि जातक निम्नलिखित लाभ लेने की इच्छा रखता है तो उसे अवश्य ही किसी ज्योतिषी (Astrologer)  के सलाह से यह उपरत्न धारण करना चाहिए।

  1. दाम्पत्य-जीवन, पति-पत्नी, में यदि अकारण क्लेश,  दरार, या  तलाक की स्थिति में ( In the situation of divorce)  आने लगे तो उस स्थिति में ओपल रत्न धारण करने से उत्पन्न कड़वाहट को शीघ्र ही दूर किया जा सकता है।
  2. ओपल पहनने से यौन शक्ति की बृद्धि होती है क्योकि यह शुक्र ग्रह का कारक ग्रह है और शुक्र वीर्य का कारक है।
  3. सौंदर्य शक्ति को वृद्धि करता है इसके वृद्धि से व्यक्ति में स्वयं ही आकर्षण शक्ति विकसित होने लगता है।
  4. यह रत्न मानसिक स्तर की भी वृद्धि करता है। जो व्यक्ति अपने आप निराश और थका हुआ महसूस करता है वह जातक यदि ओपल उपरत्न पहनता है तो वह अपने आप को ऊर्जावान और रोमांचित महशुस करने लगता है।
  5. इसके पहनने से व्यक्ति में आध्यात्मिकता तथा सात्विक चिंतन का विकास होता है।
  6. आर्थिक समृद्धि, मान सम्मान, लोकप्रियता के साथ साथ, शारीरिक तंदरुस्ती भी प्रदान करता है।
  7. यह मन को शांत,एकाग्र एवं रचनात्मक विचारो को बढ़ाता है तथा बुरे स्वप्न से भी दूर रखता है।
  8. केश-मुकदमों अर्थात अदालती मामलों में जीत दिलाने में मदद करता है।
  9. यात्रा, पर्यटन और आयात / निर्यात के साथ जुड़े व्यवसाय ( Business ) में लगे लोगों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होता है।
  10. अधिकतर मामलों में ओपल रत्न महिलाओं तथा पुरुषो के निजी जीवन में प्यार और रोमांस                  ( Increase  Love and Romance )  को पुनर्जीवित किया है।
  11. शुक्र ग्रह से जुड़े काम यथा अभिनेता, अभिनेत्री, टीवी, फिल्म, थिएटर और में काम कर रहे कलाकारों तथा कंप्यूटर,आईटी आदि से जुड़े काम वाले व्यक्ति को यह उपरत्न पहनना चाहिए।
  12. ओपल रत्न मानसिक तनाव, उदासीनता, आलस्य, लाल रक्त कणिकाओं तथा नेत्र रोग,से संबंधित विकारों से राहत दिलाती है।

 ओपल रत्न

ओपल रत्न पहनने की विधि (Method of wear Opel gemstone)

दिन  — शुक्रवार                                                                                                                                                                      होरा — शुक्र
पक्ष — शुक्ल
नक्षत्र — भरणी, पूर्व फाल्गुन,पूर्व अषाढ़ा

ओपल/दूधिया उपरत्न को चांदी की अंगूठी या लॉकेट में धारण किया जाता है। इसे शुक्रवार के दिन शुक्र की होरा में पहनना चाहिए। इस पत्थर को सीधे हाथ की अनामिका अंगुली में धारण करना चाहिए। इसके पहनने से पहले कच्चे दूध और गंगाजल से शुद्ध कर लेना चाहिए। पुनः शुद्ध करके अंगूठी को सफेद कपड़ा के ऊपर रख लेना चाहिए तत्पश्चात शुक्र के मंत्र – ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः से अभिमंत्रित कर विधिवत संकल्पपूर्वक धुप,दीप नैवेद्य से पूजा अर्चना करके अंगूठी को पहन लेना चाहिए।
ओपल पहनने का मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

 
Tagged with 

  • Divorce Line in Palm|हथेली में तलाक रेखा
  • Who, why and when wear blue sapphire gemstone.
  • Ruby Gemstone and Government Job
  • Pearl gemstone in astrology.
  • Red coral (Moonga) gemstone for Mars planet
  • Remedies for Jupiter – गुरु ग्रह के शान्ति हेतु उपाय
  • Yellow Sapphire (pukharaj) gemstone and benefit
  • 31 Vastu tips for shops / showroom | दूकान के लिए वास्तु नियम
  • 21 Vastu tips for students
  • Astrological remedies for career or professional growth
  • Astrological Combination for Transfer in Service
  • Ear – कान के बनावट से जानें अपना भविष्य
  • Fate Line | Bhagy Rekha | जानें क्या कहती है आपकी भाग्य रेखा
  • Foreign Travel – विदेश यात्रा के लिए वायव्य दिशा में दोष खतरनाक
  • Foreign Education in Astrology
  • Foreign travel and settlement in Astrology
  •  

    4 thoughts on “ओपल रत्न पति-पत्नी क्लेश को दूर करता है

    1. Dr.Mona Tidke says:

      Dr.Mona Tidke
      22/10/1975
      4:45am
      Akola Maharashtra
      I am life is almost scattered kindly suggest what type of gems and remedies can help me?
      Thanks and regards
      Mona

    2. Me Ra Kuch Karan time chal Raha he to may Kon si ratn fena che he

    3. sushil kumar chaurasia says:

      Blu jarkan anameka ugalie me dharan kar sakte hai please suggest me

    4. For better prrsonality and for improvement in pimples and also i have black marks suggest m any gemstone

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *