किस नंबर का वाहन शुभ होगा | How to Find Lucky Vehicle Registration Number

किस नंबर का वाहन शुभ होगा | How to Find Lucky Vehicle Registration Numberकिस नंबर का वाहन शुभ होगा | How to Find Lucky Vehicle Registration Number.  वर्तमान समय में वाहन जीवन का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बन गया है विना वाहन हमें ऐसा महशुस होने लगता है की हमारी जीवन यात्रा रुक सी गई है। वाहन का प्रयोग निजी और व्यवसायिक दोनों रूप में किया जाता है। दोनों स्थिति में वाहन का वाहन मालिक के लिए शुभ होना जरुरी है क्योकि आजकल आप देख रहे है की सड़क दुर्घटना में प्रतिदिन हजारो की संख्या में लोगो की मृत्यु हो रही है शायद इसका मूल कारण हो सकता है की वाहन चलाने वाले व्यक्ति का मूलांक तथा भाग्यांक का गाड़ी के मूलांक से मेल /मैच नहीं कर रहा हो। कई बार हम देखते है की जिस व्यक्ति की गाडी है वह जब गाड़ी चला रहा होता है तो कुछ भी नहीं होता परन्तु जैसे ही उसका दोस्त या कोई दुसरा व्यक्ति चलने लगता है वैसे ही दुर्घटना ( एक्सीडेंट) हो जाती है तो इसके पीछे का मूल कारण गाडी का मूलांक और चलाने वाले व्यक्ति के मूलांक वा भाग्यांक में तालमेल का ना होना हो सकता है।

कहा जाता है की जिस दिन हम जन्म लेते हैं उसी दिन व क्षण से हम अपने भाग्यांक और मूलांक से जुड़ जाते हैं। उस दिन से भाग्यांक हमारा पीछा नही छोड़ता है हां यह बात सही है की सामान्य परिस्थितियों में हमें इसका एहसास नही होता है। वस्तुतः भाग्यांक अपने मित्र अंकों के साथ हैं तो जीवन सुखमय चलते रहता है और यदि शत्रु अंकों के साथ होता है तो कष्टमय जीवन जीना पड़ता है इसमें कोई भी संदेह नहीं है।

हम अंकों के आधार पर शुभ और अशुभ की पहचान कर सकते है यथा – नामाक्षर का नम्बर, फोन नंबर, वाहन नंबर, घर का नंबर, बैंक अकाउंट नम्बर, परीक्षा हेतु निर्धारित एडमिट कार्ड का नम्बर इत्यादि। विना अंक के कोई भी कार्य होना मुश्किल है रुपया-पैसा, समय का निर्धारण, उम्र का वर्ष, किसी से मिलने का वक्त, नौकरी ज्वाइन तथा रेटायर्मेंट का दिनांक तथा वर्ष इत्यादि सब कुछ अंक पर ही निर्भर है अतः हमें अंको की शुभता और अशुभता की अवश्य ही पहचान होनी चाहिए यदि ऐसा करने हम समर्थ होते है तो निश्चित ही जीवन यात्रा सुखद होगी ऐसा मेरा विशवास है। वस्तुतः अंक हमारी आत्मा वा जननी है।

वास्तव में भाग्यांक (जन्मदिन व दिनांक) तथा मूलांक हमारे नाम के अंक के साथ मित्रता व शत्रुता रखता है परन्तु हमें यह ज्ञात नहीं होता है की शुभता और अशुभता की मात्रा कितनी है। अंकों की आपसी मित्रता एवं शत्रुता में ही हम सब का भविष्य छिपा है तो आइये अंकशास्त्र के माध्यम से यह जानने का प्रयास करते है कि वाहन लेते समय या उसका प्रयोग करते समय हम किस प्रकार से अंकशास्त्र के प्रयोग से अपने वाहन/गाड़ी से मिलने वाले सुख का उपभोग कर सकेंगे तथा वाहन से होने वाले नुकसान से बच सकेंगे ।

वाहन के शुभ नंबर हेतु सामान्य नियम

  1. सर्वप्रथम आपको यह देखना चाहिए की जातक अगर स्वयं ही वाहन चलाता है, तो उसका भाग्यांक और मूलांक क्या है उसके बाद यह देखना चाहिए कि जिस अंक का आप वाहन खरीद रहे है उसका मूलांक क्या है यदि दोनों में मित्रता है तो शुभ होगा और यदि शत्रुता है तो निश्चित ही अशुभ फल देने में समर्थ हो सकता है।
  2. यदि आप वाहन व्यवसाय के लिए खरीद रहे है और स्वयं चलाते है तो आपके मूलांक तथा भाग्यांक दोनो का अंक तथा वाहन के मूलांक में मित्रता होना चाहिए यदि ऐसा नम्बर लेते है तो अवश्य ही व्यवसाय में वृद्धि होगी ।
  3. यदि आपका वाहन कोई चालक चलाता है तो चालक का नामांक, मूलांक वा भाग्यांक वाहन के रजि. नंबर (सभी अक्षर व अंक) का मूलांक आपस में मित्र होना चाहिए।
  4. वाहन का मूलांक वाहन मालिक के मूलांक या भाग्यांक में से किसी एक से अवश्य ही मित्रता होनी चाहिए।
  5. यदि आप लम्बी यात्रा पर जा रहे है और उस समय दिन तथा दिनाक के मूलांक पर विचार करते है तो आपकी यात्रा निश्चित ही सुखमय होगी।

किस नंबर का वाहन शुभ होगा | How to Find Lucky Vehicle Registration Number

उदाहरण स्वरूप : यदि आपका जन्म दिनांक 04.08.1965 को हुआ है। और आप वह वाहन खरीदना चाह रहे है जिसका रजि. नम्बर 6423 है। यदि व्यक्ति वाहन/गाड़ी को स्वयं चलाएगा तो गाड़ी के अंतिम चार अंकों के योग उसके मूलांक पर आधारित होना चाहिए। व्यक्ति का मूलांक = 4 भाग्यांक = 4+8+1+9+6+5 = 33 = 6 है तथा वाहन का मूलांक 6+4+2+3 = 15 = 6 वाहन के अंतिम 4 अंकों का योग =15 = 6 (मित्र)

इस प्रकार यह जातक इस रजि. नं. के वाहन को स्वयं चलाये तो लाभदायक रहेगा क्योकि इस व्यक्ति का मूलांक है 4 और वाहन के अंतिम 4 अंकों का योग 6 है जो कि अंकशास्त्र के अनुसार मित्र हैं।

पुनः यह भी देखे कि इस व्यक्ति का भाग्यांक 6 है और गाड़ी के अंतिम 4 अंकों का योग 6 है। यहाँ पर वाहन का मूलांक तथा जातक का भाग्यांक एक ही है अतः यह नम्बर जातक के लिए लाभदायक होगा।

यह ध्यान रखना चाहिए कि यदि व्यवसाय या स्वयं के लिए जातक किसी ड्राइवर को रखता है तो उसका नामांक गाड़ी के रजि. नं के मूलांक का मित्र होना चाहिए।

आप स्वयं इस चार्ट के माध्यम से अपने वाहन के अंक का चुनाव कर सकते है।

अंक मैत्री मैत्री चार्ट

अंकस्वामी ग्रहमित्रसमशत्रु
1सूर्य2,3,956,8,4,7
2चंद्र1,53,6,8,94,7
3गुरु1,2,94,7.85,6
4राहु6,83,51,2,7,9
5बुध1,63,4,7,8,92
6शुक्र4,5,7,83,91,2
7केतु6,93,51,2,4,8
8शनि4,5,631,2,7,9
9मंगल1,2,3,76,84,5

 

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About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Puja, donation, Rudraksh Therapy, Gemstone etc. For an appointment, come through Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9643415100 ( Please don`t call me for free counsultation )

 

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