गुरु चांडाल योग | गुरु चांडाल दोष | Guru Chandal Yog

guru chandaal yog-minगुरु चांडाल योग | गुरु चांडाल दोष | Guru Chandal Yog . गुरु का राहु या केतु की युति से गुरु चांडाल योग /दोष का निर्माण होता है। जब भी कुंडली में गुरु और राहु ग्रह एक ही राशि में विराजमान होते तो यह कहा जाता है कि आपके कुंडली में गुरु चांडाल योग/दोष है। यदि किसी की जन्मकुंडली में गुरु (बृहस्पति) के साथ राहु या केतु की युति है अथवा गुरु का राहु या केतु के साथ दृष्टि आदि से कोई संबंध बन रहा हो तो ऐसी स्थिति में कुंडली में गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है।

 

कैसे निर्मित होता है गुरु चांडाल योग /दोष 

यदि आपकी जन्मकुंडली में गुरु नवम घर में स्थित हैं तथा राहु अथवा केतु में से कोई एक ग्रह गुरु के साथ ही नवम घर में स्थित है या फिर इन दोनों ग्रहों में से कोई एक ग्रह कुंडली के किसी अन्य भाव में स्थित होकर गुरु के साथ दृष्टि से संबंध बनाता है तो कुंडली में गुरु चांडाल योग बन जाता है।

वैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को चांडाल, अशुभ तथा पाप ग्रह माना गया है वहीँ बृहस्पति बहुत ही शुभ एवं सात्विक ग्रह है । दोनों ग्रहों का स्वभाव एक दूसरे से एकदम विपरीत होने के कारण “गुरु चांडाल योग” का निर्माण होता है यही विपरीत स्वभाव होने के कारण कुंडली में यह योग “दोष” के रूप में प्रख्यात है। इस योग के बनने से जातक भ्रष्ट कार्यो में सलग्न हो सकता है। इसका चारित्रिक पतन हो सकता है ऐसा व्यक्ति अनैतिक अथवा अवैध कार्यों में अधिक रूचि लेता है वा उसमे लिप्त होता है। परन्तु वर्तमान कलयुग में यह दोष कई मामलो में अच्छा भी माना जाता है। कहते है की यदि गुरु चेला एक साथ मिल जाए तो दुनिया में वैसी कोई भी कार्य नहीं है जो दुष्कर है। परन्तु निर्भर करता है की कार्य का स्वरूप कैसा है।

गुरु चांडाल योग

 

गुरु चांडाल योग / दोष का जातक के ऊपर प्रभाव

किसी की कुंडली में यदि राहु का गुरु के साथ संबंध बन रहा है तो वह व्यक्ति बहुत अधिक भौतिकवादी  होता है  जिसके कारण ऐसा व्यक्ति अपनी प्रत्येक इच्छा को पूरा करने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार होता है। वह अधिक से अधिक धन कमाकर अपनी इच्छा को मूर्त रूप देना चाहता है और इसके लिए वह अनैतिक अथवा अवैध कार्यों का चुनाव कर लेता है इसमें संदेह नहीं है बल्कि अनुभवजन्य है।

राहु केतु का किसी कुंडली में गुरु के साथ संबंध स्थापित होने पर व्यक्ति  के चरित्र में अमर्यादित विकृतिया आ जातीं हैं जिसके कारण वह पाखंडी, अहंकारी, हिंसक, धार्मिक कट्टरवादी बन जाता है जो परिवार तथा समाज के लिए ठीक नहीं माना जा सकता है। परन्तु  इस बात का भी जरूर ध्यान रखना चाहिए कि गुरु चांडाल योग प्रत्येक व्यक्ति को अशुभ प्रभाव नहीं देता बल्कि कई बार यह भी देखा गया है व्यक्ति बहुत अच्छे चरित्र तथा उत्तम मानवीय गुणों से युक्त होते है तथा इन्हें सामाजिक पद और प्रतिष्ठा की भी प्रप्ति होती है।

इस दोष के सम्बन्ध में फलादेश करने से पूर्व  गुरु तथा राहु के स्वभाव का भलीभाँती अवश्य ही परीक्षण कर लेना चाहिए। इसके लिए इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए की गुरु चांडाल योग किस स्थान में बन रहा है और कौन सा ग्रह शुभ है तथा कौन सा ग्रह अशुभ है या दोनों अशुभ है परिणाम इसके ऊपर निर्भर करता है।

 

अशुभ राहु तथा अशुभ गुरु का फल

यदि दोनों ग्रह अशुभ अवस्था में है तो अवश्य ही अशुभ फल प्रदान करेगा वैसी स्थिति में गुरु चांडाल योग जातक को एक घृणित व्यक्ति बना सकता है जिस स्थान /भाव में यह योग बनेगा उस स्थान विशेष के फल को खराब करेगा  तथा ऐसा जातक धर्म ,जाति, समुदाय के आधार पर लोगों को हानि अथवा  कष्ट पहुंचा सकता है।

शुभ गुरु तथा शुभ केतु का फल

यदि शुभ गुरु तथा शुभ केतु के संयोग से गुरु चांडाल योग बन रहा है तो वैसा जातक सामजिक तथा आध्यात्मिक होता है। समाज सेवा ही अपना धर्म समझकर कार्य करता है। जातक में मानवीय गुण कूट-कूट कर भरा होता है और कभी कभी तो मानव कल्याण में ही अपना पूरा जीवन निकाल देता है।

शुभ गुरु तथा शुभ राहु का फल

यदि शुभ गुरु और शुभ राहु द्वारा गुरु चांडाल योग बन रहा है तो व्यक्ति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में शुभ फल प्रदान की प्रप्ति होगी। जैसे यह स्थिति यदि किसी कुंडली के दसवें घर में बन रहा है तो व्यापार के क्षेत्र में अवश्य ही वृद्धि होगी।

 
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    10 thoughts on “गुरु चांडाल योग | गुरु चांडाल दोष | Guru Chandal Yog

    1. Sir mere bete ka janm 18 august 2009 time 10:35am ko rajsthan K Sikar district K Fatehpur m huaa h Kya uske yah you subh gal dene wala. H

    2. Sir mere bete ka janm18 august 2009 Ko Fatehpur Sikar rajsthan me 10:35 Ko huaa h uske guru Chandal yog ban rha h
      Mera question h ki Kya yah yog subh h subh nhi h to koi upay btaeye

    3. vishal katal says:

      Surya shukr bhudh rahu ki 5 bhav yuti or guru ketu ki 11 bhav mein yuti ke fall bataiii pls

    4. Renu Sharma says:

      Sir mera naam renu Sharma hai date of birth 13-01-1988,birth time 9.30 pm ajmer me janm hua.. Sir meri shadi kab tak hogi… Meri kundali me guru chandal yog hai kya uski wajah se meri shadi nahi horahi plz uss guru chandal yog ko door karne ka koi upay bataye

    5. Renu Sharma says:

      Sir mera naam renu Sharma hai date of birth 13-01-1988, birth time 9.30 pm or ajmer ka janam hai… Sir meri shadi kab tak hogi or meri kundali me guru chandal yog bann raha hai kya uss wajah se meri shadi nahi ho rahi hai plz sir iss dosh ko door karne ka koi upay bataye

    6. Abhishek bhawsar says:

      Sir Mera Janm 8/9/1990 ko hua time 2:10 pm. Khargone mp. Me maine be kiya hai meri job Kb tak Lgegi sir govt ki prep bhi kar raha hu..
      Mjhr guru chandal yog bhi btaya Kya btaiy sir koi upaay btaiy

    7. Savita sharma says:

      My son name Ishaan date of birth 10/01/2002 time 1:40 at night , worried about his education due to his guru Rahu Yuri in navam bhav

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