गोमती चक्र देता है रोग भय शत्रु से मुक्ति | Benefit of Gomati Chakra

गोमती चक्र देता है रोग भय शत्रु से मुक्ति | Benefit of Gomati Chakra | समस्या और समाधान दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु है यदि कोई समस्या या परेशानी है तो उसका समाधान भी अवश्य है केवल आवश्यकता है उस समाधान रूपी साधन को जानना। वस्तुतः हम अपने जीवन का बहुत कम क्षण ही जाग्रतावस्था में व्यतीत करते है। प्रत्येक क्षण हम बाह्य विषय वस्तु को देखते है परन्तु उनके विषय में जानने की कोशिश नहीं करते है । यही कारण है की हम अपनी समस्याओ को स्वयं ही अन्वेषण करने में असमर्थ महशुश करते है और जब कोई व्यक्ति मेरी समस्या का समाधान करता है तो हम कहते है की अरे ये तो मै भी जानता था । कई बार तो हमारी समस्या अपने आप समाप्त हो जाती है तो कई बार इसके लिए विशेष प्रयास करने पड़ते हैं ।

 

समस्या तथा उस समस्या का समाधान और उस समाधान के साधन इस भू-मंडल में विराजमान है यथा —

  • मन्त्र
  • तंत्र
  • यंत्र
  • रत्न
  • उपवास
  • गोमती चक्र इत्यादि ।

आज मैं गोमती चक्र के सम्बन्ध में कुछ बताने का प्रयास कर रहा हूं। यह चक्र अनेक समस्या व परेशानी का समाधान है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसे कई उपकरण है जिसके माध्यम से जीवन में आने वाली छोटी छोटी कष्टो से छुटकारा पा सकते है उनमे से एक गोमती चक्र भी है ।

गोमती चक्र(Gomati Chakra) के माध्यम से जीवन में आने वाली अनेक समस्यायों का समाधान किया जाता है परन्तु यह तभी सम्भव है जब आप ऐसी वैसी आशंका से पूर्णतः मुक्त होकर पूर्ण विशवास के साथ प्रयोग करे।

क्या है गोमती चक्र | What is Gomati Chakra 

गोमती चक्र Gomati चक्र जल में होने वाले रासायनिक तत्त्वों के मिश्रण से निर्मित प्राकृतिक पदार्थ है जो दिखने में सीपी जैसा होता है इसके ऊपर चक्र बना होता है। गोमती चक्र समुद्र में तथा गोमती नदी में मिलता है। गोमती में “गो” शब्द गाय का वाचक है और गाय का सम्बन्ध लक्ष्मी से है यह सर्वविदित है। नंदी अथवा धेनु गाय के सम्बन्ध में प्रायः लोग जानते है। इस पत्थर के ऊपर जो चक्र बना हुआ है उसका सम्बन्ध भगवान् कृष्ण के सुदर्शन चक्र से भी है जिस प्रकार सुदर्शन चक्र ( Sudarshan Chakra ) सभी परेशानियों का अंत है उसी प्रकार गोमती चक्र में सभी समस्याओं का अंत है ऐसा माना जाता है।

समुद्र के निचले सतह-पेंदे और गो रूप धारिणी माता पृथ्वी के ऊपरी सतह के मध्य रत्न-धातु आदि “गो मृत्तिका” या “गो मिटटी” या गोमती चक्र(Gomati Chakra) के नाम से जाने गये-रहस्य विज्ञान के प्रवर्तक वरुण देव(जल)के घर्षणमय रासायनिक संयोग के कारण इस पदार्थ के अंदर अद्भुत शक्तियों का समावेश हो गया साथ ही ‘गोमाता’ अर्थात लक्ष्मी जी के आशीर्वाद से इसमें धन धान्य वृद्धि करने की क्षमता का समावेश हो गया और यही कारण है की आज गोमती चक्र का प्रयोग धरले से समस्या निदान के रूप में होने लगा है  तंत्र शास्त्र के ज्ञाता इस पर अनेक विधि पूजन कर इसे प्राणप्रतिष्ठा से विशेष सिद्धि दायक बना देते है ।

Utility of Gomati Chakra | गोमती चक्र का उपयोग

जीवन पथ पर आने वाली अनेक समस्याओं में गोमती चक्र का उपयोग किया जाता है यथा —

  • मानसिक शांति 
  • शत्रुपीड़ा से मुक्ति
  • रोग से मुक्ति,
  • भय से मुक्ति
  • दरिद्रता से मुक्ति,
  • अदालती मामलो मे राहत,
  • संतान प्राप्ति में सहायक
  • धन वृद्धि तथा संचय में सहायक
  • भुत-प्रेत से बाधा

गोमती चक्र की पूजा कब करे 

गोमती चक्र एक ऐसा पदार्थ है जो हमारे उद्देश्य को पूर्ति करने में अत्यंत ही सहायक है। प्रमुख त्योहारो पर जब हम सम्बंधित देवता की पूजा करते है तो उस पूजा मे इस चक्र को सम्मलित करते है तथा इसकी विशेष रूप से पूजा भी करते है ताकि घर में धन धान्य तथा शांति का वातावरण कायम रहे।

इस चक्र का प्रतिदिन पूजा तो हम करते ही है परन्तु विशेष त्यौहार खासकर दीवाली, नवरात्र में इसकी पूजा करने से जातक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ग्रहण के दौरान या अमावस्या के दिन पूजा करने से गोमती चक्र को जीवंत वा सिद्ध किया जाता है।

गोमती चक्र की पूजा किस शुभ मुहूर्तो में करनी चाहिए

इस चक्र की पूजा विभिन्न मुहूर्तों के अवसर पर करने पर भी हमें लाभ की प्राप्ति होती है। जैसे-

  • सर्वार्थसिद्धि योग
  • गुरुपुष्य योग
  • रविपुष्य योग
  • त्रिपुष्कर योग इत्यादि

योग के अवसर पर गोमती चक्र की पूजा करने से घर में सुख-शांति का वास होता है। घर के पारिवारिक सदस्यो के मध्य सामंजस्य बना रहता है तथा घर में लगातार बरकत होने लगती है। अभिमंत्रित गोमती चक्र का प्रभाव शीघ्र फलदायी होता है।

गोमती चक्र देता है रोग भय शत्रु से मुक्ति | Benefit of Gomati Chakra

Benefit of Gomati Chakra | गोमती चक्र  के प्रयोग से लाभ

गोमती चक्र का प्रयोग कार्य विशेष के अनुसार अर्थात अपने उद्देश्य की पूर्ति हेतू करने से असीमित लाभ की प्राप्ति होती है। आइये जानते है कब कैसे और किस विधि से इस चक्र का प्रयोग करना चाहिए

व्यापार तथा नौकरी में वृद्धि हेतू | For Business and Job growth

यदि आपके व्यापार में हानि हो रही है तो हानि को रोकने तथा व्यापार वृद्धि के लिए इस चक्र का प्रयोग कर सकते है इसके लिए आप 2 गोमती चक्र लेकर उसे एक लाल कपड़े में बांधकर ऊपर चौखट पर इस तरह से लटका दे की ग्राहक उसके नीचे से निकले तो निश्चित ही व्यापार में वृद्धि होगी।

11 गोमती चक्रों को लाल पोटली में बाँधकर तिजोरी में अथवा किसी सुरक्षित स्थान पर सख दें, तो व्यापार में आशातीत वृद्धि होने लगती है ।

यदि व्यवसाय में किसी कारण से आपका व्यवसाय लाभदायक स्थिति में नहीं हो तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को 3 गोमती चक्र, 3 कौड़ी व 3 हल्दी की गांठ को अभिमंत्रित कर किसी पीले कपड़े में बांधकर धन-स्थान पर रखें ।
यदि आपका प्रमोशन होना है और किसी कारण से प्रमोशन नहीं हो रहा हो, तो एक गोमती चक्र लेकर प्रत्येक सोमवार को शिव मन्दिर में जाकर शिवलिंग पर चढ़ा दें, और सच्चे मन से प्रार्थना करें । यह कार्य तबतक करे जबतक आपका कार्य पूरा नहीं हो जाता । निश्चय ही प्रमोशन के रास्ते खुल जायेंगे।

रोग से मुक्ति हेतू | Removes from Disease 

यदि आपके पेट में कोई रोग है तो 10 गोमती चक्र लेकर रात को पानी में डाल दें तथा सुबह उस पानी को पी लें। इससे पेट से सम्बंधित विभिन्न रोग में राहत मिलती है।

रोग-शमन तथा स्वास्थ्य-प्राप्ति हेतु 7 गोमती चक्र अपने ऊपर से उतार कर किसी ब्राह्मण या फकीर को दें दे।
यदि घर में कोई व्यक्ति बीमार है तथा उसकी बिमारी ठीक नहीं नहीं हो रही हो तो एक गोमती चक्र लेकर उसे चाँदी में पिरोकर रोगी के पलंग के पाये पर बाँध दें,तो उसी दिन से रोगी का रोग समाप्त होने लगता है ।

यदि आप गर्भपात से परेशान हो रहे है तो 2 गोमती चक्र लाल कपड़े में बांधकर कमर में बांध ले तो गर्भपात होना बंद हो जाता है।

नजर दोष वा तांत्रिक प्रभाव से मुक्ति | Protect from Evil eye or Tantrik effects

यदि आप ऐसा महशुस करते है की मेरे ऊपर किसी ने जादू टोना कर रखा है तो उस तांत्रिक प्रभाव की निवृत्ति के लिये बुधवार को चार गोमती चक्र अपने सिर के ऊपर से उबार कर चारों दिशाओं में फेंक दें निश्चित ही आपको लाभ मिलेगा।

यदि घर में भूत-प्रेतों का उपद्रव हो, तो दो गोमती चक्र लेकर घर के मुखिया के ऊपर से घुमाकर आग में डाल दे, तो घर से भूत-प्रेत का उपद्रव समाप्त हो जाता है ।

यदि आपके बच्चे नजर दोष से परेशान है तो गोमती चक्र को चाँदी में जड़वाकर बच्चे के गले में पहना देने से नजर दोष नहीं लगती तथा बच्चा स्वस्थ बना रहता है ।

यदि आपको या आपके बच्चें को नजर जल्दी लगती है तो 5 गोमती चक्र(Gomati Chakra)लेकर किसी सुनसान स्थान पर जायें फिर तीन चक्रों को अपने ऊपर से सात बार उसारकर अपने पीछे फेंक दें तथा पीछे देखे बिना वापस आ जायें । शेष बचे 2 चक्रों को तीव्र प्रवाह के जल मे प्रवाहित कर दें ।निश्चित ही लाभ होगा ।

संतान लाभ हेतु | For Child 

यदि संतान प्राप्ति में देरी हो रही हो या आपको ऐसा महशुस हो रहा है की मुझे सन्तान की प्राप्ति नहीं होगी तो उसके लिए 5 गोमती चक्र लेकर किसी नदी या तालाब में “हिलि हिलि मिलि मिलि चिलि चिलि हुक” 5 बार बोलकर विसर्जित कर देना चाहिए ऐसा करने से संतान प्राप्ति की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

आपका बच्चा डरता है तो यह करे

यदि आपका बच्चा अधिक डरता  है तो शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार (Tuesday ) को हनुमान् जी के मन्दिर में जाकर एक अभिमंत्रित गोमती चक्र पर श्री हनुमानजी के दाएं कंधे के सिन्दूर से तिलक करके प्रभु के चरणों में रख दें और एक बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें । पुनः गोमती चक्र(Gomati Chakra)उठाकर लाल कपड़े में बांधकर बच्चे के गले में पहना दे बच्चे का डर शीघ्र ही चला जाएगा।

गोमती चक्र देता है रोग भय शत्रु से मुक्ति | Benefit of Gomati Chakra

केश मुक़दमा में लाभ | Benefit from litigation 

यदि आप आप केश मुकदमा के निपटारा करने के लिए कोर्ट जा रहे है तो जाते समय घर के बाहर गोमती चक्र रखे और जाते समय उस पर दाहिना पांव रखकर जाते है तो उस दिन कोर्ट-कचहरी में सफलता मिलने की सम्भावना बढ़ जाती है।

यदि आपके शत्रु बढ़ गए है तो शत्रु का नाम जितने अक्षर का है उतने गोमती चक्र लेकर उस पर उस शत्रु का नाम लिख दे उसके बाद उसे जमीन में गाड़ दें तो शत्रु परास्त हो जाएंगे।

गोमती चक्र(Gomati Chakra)को होली के दिन थोड़ा सिंदूर लगाकर शत्रु का नाम उच्चारण करते हुए जलती हुई होली में फेंक दें तो आपका शत्रु भी मित्र बन जाएगा ।

आर्थिक लाभ हेतू | Economic Benefits

कई बार ऐसा देखा गया है कि कठिन मेहनत करने के बाद भी लाभ नहीं होता है तो वैसी स्थिति में आर्थिक लाभ के लिए यह कार्य करना चाहिए । शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को 21 अभिमंत्रित गोमती चक्र(Gomati Chakra)लेकर घर के पूजा स्थल में मां लक्ष्मी व श्री विष्णु की तस्वीर के समक्ष पीले रेशमी वस्त्र पर रख दें पुनः रोली से तिलक कर प्रभु से अपने निवास में स्थायी वास तथा आर्थिक समृद्धि के लिए प्रार्थना करे तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना करके हल्दी की माला से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”मंत्र की तीन माला जप करें। इस प्रकार 43 दिन तक लगातार जप करने के बाद अन्तिम दिन कुवारी कन्या को भोजन करा दे पुनः सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर विदा करें । निश्चित ही आर्थिक समृद्धि आपके घर आएगी।

घर में सुख शांति हेतू | Good environment in house

यदि इस गोमती चक्र को लाल सिन्दूर की डिब्बी में रखकर घर में रखते है तो घर में सुख-शान्ति बनी रहती है ।

पति-पत्नी  ( Husband and wife ) में मतभेद हो तो तीन गोमती चक्र लेकर घर के दक्षिण में “हलूं बलजाद” कहकर फेंक दें, मतभेद समाप्त हो जायेगा ।

दीपावली के दिन पाँच गोमती चक्र को पूजा-घर में स्थापित करे तत्पश्चात प्रतिदिन उसका पूजन करने से घर में सुख शांति तथा निरन्तर उन्नति होती रहती है।

भाग्योदय | Fortune

यदि आप महशुस कर रहे है की मेरा भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो भाग्य वृद्धि के लिए तीन गोमती चक्र का चूर्ण बनाकर घर के बाहर छिड़क दें ।

सरकार से सम्मान नहीं मिल रहा है तो क्या करे

यदि आपको सरकार की ओर से सम्मान नहीं मिल रहा है तो उसे प्राप्त करने के लिये प्रतिदिन 2 गोमती चक्र 43 दिन तक किसी ब्राह्मण को दान में दें इसकी शुरुआत शुभ मुहूर्त से करे निश्चित ही सफलता मिलेगी।

 
 
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