चतुर्थ भाव में मंगल का फल | Mars in Fourth House

चतुर्थ भाव में मंगल का फल | Mars in Fourth House चतुर्थ भाव में मंगल होने से मंगल दोष होता है मांगलिक दोष के कारण दाम्पत्य जीवन में परेशानी आती है। आप वाहन सुख का आनंद तो लेंगे परन्तु दुर्घटना के शिकार भी हो सकते हैं। आप के मन में अग्नि भय का खतरा बना रह सकता है।  आपको समाज से और समाज में कभी-कभी अपमानित भी होना पड़ सकता है और इसका मुख्य कारण होगा आपकी गलत संगति। आप अपने गलत संगति को स्वीकार करे या नहीं करे गलत संगति  के कारण ही आपको परेशानी होती है।  

मंगल ग्रह को अत्यन्त गुणवान और भू-सम्पत्ति प्रदान करने वाला ग्रह है। यह आपके अंदर अहंकार और आत्माभिमान का संचार करता है और इसके कारण ऐसे आपको अन्य लोगो से परेशानी होती है परन्तु आपको पता नहीं चलता क्योकि कारण तो आप ही किन्तु किसी और में कारण ढूंढते है। मंगल ग्रह के अधिदेवता स्कन्द या कार्त्तिकेय है और भगवान कार्तिकेय में आत्माभिमान के लिए प्रसिद्ध है।

चतुर्थ भाव में मंगल

क्यों कहा गया मंगल ग्रह को भूपुत्र ?

मंगल ग्रह को भूपुत्र कहा गया है। इस सम्बन्ध में विष्णु पुराण में एक कथा है उसके अनुसार भगवान् विष्णु ने वाराह रूप में पृथ्वी का उधार कर उसको अपनी कक्ष में स्थापित कर दिया जिससे पृथ्वी की अस्थिरता एवं उद्विग्नता नष्ट हो गई तब उसने भगवान को अपने पति के रूप में पाने की इच्छा प्रकट की भगवान वाराह अपने मनोरम रूप में एक दिव्य वर्ष तक पृथिवी के साथ एकांत में रहे। इसके परिणामस्वरूप पृथ्वी देवी ने मंगल ग्रह को जन्म दिया। इसी कथा के आधार पर मंगल ग्रह को भूपुत्र कहा गया है।

चतुर्थ भाव में मंगल और परिवार | Mars in Fourth House and Family

चतुर्थ भाव में मंगल माता के सुख में कमी करता है। माता रोगी होती है। चतुर्थ स्थान कुटुंब, भाई बंधू का घर है इसलिए आपका अपने बन्धु-बांधव से अंतर्विरोध, क्लेश तथा लड़ाई-झगड़ा होते रहेगा। आप यह मत सोचें की इसका कारण कोई और है इसका कारण तो आप स्वयं है यह सब आपके मंगल योग के कारण हो रहा है। आप शारीरिक रूप से स्वस्थ्य और बुद्धिमान व्यक्ति हैं लेकिन मंगल ग्रह की यह स्थिति आपको कुछ हद तक परिवार से दूरी बन कर रख सकता है।

मंगल ग्रह की यह स्थिति दाम्पत्य जीवन में बिखराव लाता है। यदि कुंडली के अन्य ग्रह प्रभावित कर रहा हो तो इस स्थान का मंगल दो शादी का योग बनाता है। कई बार तो आप अपने लोगो से भी धोखा करने में नहीं चूकते है यह ठीक नहीं है सब लोग सब  कुछ जानते है ऐसा समझकर कार्य करे तो ठीक रहेग । आप क्रोधी हैं  परन्तु आप क्रोध पर काबू पाने के लिए कोशिश भी करते हैं। अपने पत्नी के लिए आपका स्वभाव कभी-कभी हिंसात्मक रूप भी ले सकता है खासकर तब जब तुला लग्न हो। आपके पिता का माता के प्रति क्रोधी स्वभाव हो सकता है। पिता की वाणी ओज से युक्त होगा।

चतुर्थ भाव में मंगल और मनोविज्ञान | Mars in Fourth and Psychology 

चतुर्थ भाव में मंगल ग्रह होने से व्यक्ति कुछ हद तक स्वार्थी हो जाता है। वह भौतिक एवं मानसिक असंतुलन से हमेशा ही व्यथित रहता है। उसमे धैर्य की कमी होती है किसी भी कार्य के होने या न होने दोनों की स्थिति में तुरंत ही परेशान हो जाता है। परिवार का वातावरण अप्रिय होने के कारण ऐसा व्यक्ति हमेशा चिंतित रहता है। इस स्थान में मंगल होने से व्यक्ति के बुद्धि पर पर्दा पड़ जाता है।

चतुर्थ भाव में मंगल और स्वास्थ्य | Mars in Second House and Health

चतुर्थ भाव में मंगल ग्रह है तो माता को पित्तज्वर का रोग होता है। शरीर में फोड़े-फुंसी के रोग होते हैं। जातक का स्वास्थ्य सामान्य रहता है। यदि स्त्री है तो दुर्बलता का अनुभव होगा तथा प्रसव के समय कष्ट होगा। जातक को 18, 28, 38 तथा 48 वें साल में कष्ट होता है।

आर्थिक एवं व्यावसायिक स्थिति |  Economic condition

कुंडली में चतुर्थ भाव में मंगल हो तो जातक आर्थिक दृष्टि से सुखी सम्पन्न होता है। जातक का अपना घर होता है। अपने वाहन से युक्त होता है परन्तु वाहन से दुःख भी पहुंचता है।  व्यक्ति सरकारी नौकरी में पद प्राप्त कर सकता है। आप प्रतियोगिता परीक्षा पास कर नौकरी हासिल करेंगे। सरकार के अधीन कार्य करने वाला तथा संसार में प्रसिद्ध होता है। ऐसा जातक सेना तथा पुलिस विभाग में भी नौकरी कर सकता है। एस जातक प्रदेश में निवास करता है अतः ऐसे जातक को ऐसी नौकरी की तलाश करनी चाहिए जो घर से दूर हो।

आप अपना व्यवसाय भी कर सकते हैं। कभी-कभी तो ऐसा जातक अपने पति अथवा पत्नी के नाम पर भी व्यवसाय करता है। चतुर्थ स्थान में मंगल हो तो सरकार अथवा किसी बड़े अधिकारी की कृपा हमेशा बनी रहती है।

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About Dr. Deepak Sharma
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One thought on “चतुर्थ भाव में मंगल का फल | Mars in Fourth House

  1. Isko kaise pratikar kiya jay…..

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