जयंती योग का पुत्र कृष्ण जैसा होगा (Jyanti yoga)

जयंती योग का पुत्र कृष्ण जैसा होगा (Jyanti yoga) ऐसा विद्वानो का मत है। इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 5 सितम्बर 2015 पर “जयंती नामक योग” का अदभुत संयोग बन रहा है। भाद्रपद अष्टमी अर्थात श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishn Janmashtami) के दिन यदि रोहिणी नक्षत्र हो तो जयंती योग का निर्माण होता है। जयंती योग तभी हो सकता है जब अष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र हो, बिना अष्टमी के जयन्ती योग नहीं हो सकता। प्राचीन काल से ही अष्टमी में रोहिणी नक्षत्र के बिना भी व्रत किया जाता रहा है परन्तु बिना योग-तिथि के रोहिणी नक्षत्र में किसी प्रकार के व्रत का कोई विधान नहीं है। अतः स्पष्ट है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी  के दिन यदि रोहिणी नक्षत्र है तो वह जयंती योग कहलाती है कहा भी गया है – रोहिणी गुणविशिष्टा जयंती।।

 

krishna 3-min

अन्यत्र “विष्णु रहस्य” के अनुसार —

अष्टमी कृष्णपक्षस्य रोहिणीऋक्षसंयुता। भवेत्प्रौष्ठपदे मासि जयंती नाम सा स्मृता।

अर्थात भाद्रपद महीना में कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन रोहिणी नक्षत्र हो तो वह जयंती योग के नाम से जानी जाती है। यह दिन तथा योग अत्यंत शुभ मानी जाती है। जयंती योग में यदि आपके घर में पुत्र का जन्म होता है तो वह भगवान श्री कृष्णजी जैसा  होगा क्योकि इसी योग में श्रीकृष्णजी का जन्म हुआ था। वह परिवार तथा समाज में प्रतिष्ठित होगा, एक नई मिशाल कायम करेगा। वह अनेको में एक होगा। कहा भी गया है  वरं एको गुणी पुत्रों मूर्खो शतान्यपि अर्थात सैकड़ो मुर्ख पुत्र से अच्छा एक ही गुणी पुत्र हो वस्तुतः यह बालक सर्वगुण सम्पन्न लब्धप्रतिष्ठित विद्वान होगा। उसके द्वारा किया गया कार्य इतिहास के स्वर्णाक्षरों में लिखा जा सकता है।

 
 
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *