प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत | Astrological theory of Love Marriage

ज्योतिष में वर्णित प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत के द्वारा हम यह जानने में समर्थ होते है कि किसी प्रेमी- प्रेमिका का प्यार विवाह में परिणत होगा या नहीं। वस्तुतः  “प्रेमी और प्रेमिका” के मध्य प्रेम की पराकाष्ठा का विवाह में तब्दील होना ही प्रेम विवाह(Love Marriage) है  या यूं कहे कि जब लड़का और लड़की में परस्पर प्रेम होता है तदनन्तर जब दोनों एक दूसरे को जीवन साथी के रूप में देखने लगते है और वही प्रेम जब विवाह के रूप में परिणत हो जाता है तो हम उसे प्रेम-विवाह कहते है। विद्वत और प्रेमी समाज ने प्रेम को अपने अपने नजरिये से देखा है। इसलिए प्रेम सभी रूपों में प्रतिष्ठित है यथा  माता और पुत्र का स्नेह, गुरु-शिष्य का प्रेम, देवी देवताओ के प्रति प्रेम, लौकिक व अलौकिक प्रेम, विवाह पूर्व लड़का-लड़की का प्रेम इत्यादि। परन्तु प्रश्न उत्पन्न होता है की क्या सभी प्रेमी अपने प्रेमिका या प्रेमी को पाने में सफल हो सकते है ? इसका उत्तर हाँ और न दोनों में होता है, कोई प्रेमी प्रेमिका को पाने में सफल होता है, तो कोई असफल। अब पुनः प्रश्न उत्पन्न होता है की ऐसा क्यों ? ज्योतिष आचार्य इस के लिए जातक के जन्म कुंडली(Horoscope) में विराजमान ग्रहों की उच्च, नीच शत्रु क्षेत्री या मित्र ग्रह के घर में होने को ही जिम्मेदार मानते है।

 

प्रेम विवाह हेतु निर्धारित भाव एवं ग्रह

वहीं सभी ग्रहो को भी विशेष कारकत्व प्रदान किया गया है। यथा “शुक्र ग्रह” को प्रेम तथा विवाह का कारक माना गया है। स्त्री की कुंडली में “ मंगल ग्रह ” प्रेम का कारक माना गया है। ज्योतिषशास्त्र में सभी विषयों के लिए निश्चित भाव निर्धारित किया गया है लग्न, पंचम, सप्तम, नवम,  एकादश, तथा द्वादश भाव को प्रेम-विवाह का कारक भाव माना गया है यथा —

  1. लग्न भाव      —   जातक स्वयं।
  2. पंचम भाव     —   प्रेम या प्यार का स्थान।
  3. सप्तम भाव     —   विवाह का भाव।
  4. नवम भाव     —   भाग्य स्थान।
  5. एकादश भाव —    लाभ स्थान।
  6. द्वादश भाव    —   शय्या सुख का स्थान।

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प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत या नियम

  1. पंचम और सप्तम भाव तथा भावेश के साथ सम्बन्ध। पंचम भाव प्रेम का भाव है और सप्तम भाव विवाह का अतः जब पंचम भाव का सम्बन्ध सप्तम भाव भावेश से होता है तब प्रेमी-प्रेमिका वैवाहिक सूत्र में बंधते हैं।
  2. पंचमेश-सप्तमेश-नवमेश तथा लग्नेश का किसी भी प्रकार से परस्पर सम्बन्ध हो रहा हो तो जातक का प्रेम, विवाह में अवश्य ही परिणत होगा हाँ यदि अशुभ ग्रहो का भी सम्बन्ध बन रहा हो तो वैवाहिक समस्या आएगी।
  3. लग्नेश-पंचमेश-सप्तमेश-नवमेश तथा द्वादशेश का सम्बन्ध भी अवश्य ही प्रेमी प्रेमिका को वैवाहिक बंधन बाँधने में सफल होता है।
  4. प्रेम और विवाह के कारक ग्रह शुक्र या मंगल का पंचम तथा सप्तम भाव-भावेश के साथ सम्बन्ध होना भी विवाह कराने में सक्षम होता है।
  5. सभी भावो में नवम भाव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है नवम भाव का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से सम्बन्ध होने पर माता-पिता का आशीर्वाद मिलता है और यही कारण है की नवम भाव -भावेश का पंचम- सप्तम भाव भावेश से सम्बन्ध बनता है तो विवाह भागकर या गुप्त रूप से न होकर सामाजिक और पारिवारिक रीति-रिवाजो से होती है।
  6. शुक्र अगर लग्न स्थान में स्थित है और चन्द्र कुण्डली में शुक्र पंचम भाव में स्थित है तब भी प्रेम विवाह संभव होता है।
  7. नवमांश कुण्डली जन्म कुण्डली का सूक्ष्म शरीर माना जाता है अगर कुण्डली में प्रेम विवाह योग नहीं है या आंशिक है और नवमांश कुण्डली में पंचमेश, सप्तमेश और नवमेश की युति होती है तो प्रेम विवाह की संभावना प्रबल हो जाती है।
  8. पाप ग्रहो का सप्तम भाव-भावेश से युति हो तो प्रेम विवाह की सम्भावना बन जाती है।
  9. राहु और केतु का सम्बन्ध लग्न या सप्तम भाव-भावेश से हो तो प्रेम विवाह का सम्बन्ध बनता है।
  10. लग्नेश तथा सप्तमेश का परिवर्तन योग या केवल सप्तमेश का लग्न में होना या लग्नेश का सप्तम में होना भी प्रेम विवाह करा देता है।
  11. चन्द्रमा ( जाने ! चन्द्रमा का सप्तम भाव में फल ) तथा शुक्र ( Venus) का लग्न या सप्तम में होना भी प्रेम विवाह की ओर संकेत करता है।

उदाहरण कुंडली से प्रेम विवाह के ज्योतिषीय कारण को समझा जा सकता है।

जन्म की तारीख- 12 अप्रैल 1985, जन्म का समय- 13:00, जन्म का स्थान– दिल्ली, लिंग- महिला


प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत Astrological theory of Love Marriage

प्रस्तुत जन्म कुंडली कर्क लग्न की है। इस कुंडली में विवाह भाव सप्तम का स्वामी शनि प्रेम भाव पंचम में चला गया है और वहां से शनि तीसरी दृष्टि से अपने ही घर सप्तम को देख भी रहा है इस प्रकार यहां पंचम और सप्तम भाव से सीधा सम्बन्ध बन रहा है अतः स्पष्ट है कि प्रेम विवाह होगा।

लग्नेश चन्द्रमा तथा नवमेश गुरू दोनों की युति सप्तम स्थान में है तथा सप्तमेश शनि भी देख रहा है। इस प्रकार यहाँ लग्न, पंचम, सप्तम तथा नवम का सीधा सम्बन्ध बन रहा है। यही कारण है कि जातक का विवाह प्रेम-विवाह हुआ।

नाम- इंदिरा गांधी, जन्म तारीख- 19 नवम्बर 1917, जन्म समय- 22:11:00,जन्म स्थान- ईलाहाबाद, उत्तरप्रदेश 

प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत | Astrological theory of Love Marriage-min

प्रस्तुत जन्म कुंडली इंदिरा गांधी(Indira Gandhi) की है। सभी जानते है कि इनका प्रेम-विवाह(Love Marriage) हुआ था। यह  कर्क लग्न की कुंडली है। इस कुंडली में विवाह भाव सप्तम का स्वामी शनि की लग्न में युति तथा लग्नेश चन्द्रमा की सप्तम भाव में युति तथा परस्पर सप्तम से दृष्टि देखना प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत को पुष्ट करता है।

नवमेश गुरु लाभ स्थान में बैठकर पंचम भाव तथा सप्तम भाव एवं लग्नेश को भी देख रहा है। वहीँ वक्री होकर सप्तमेश को भी देख रहा है जो की प्रेम-विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत को 100 प्रतिशत पुष्ट करता है।

 
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    26 thoughts on “प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सिद्धांत | Astrological theory of Love Marriage

    1. […] मित्रों का सहयोग मिलेगा। आपमें प्यार (Love)का परवान भी चढ़ सकता है अतः अपनी […]

    2. Sumit Tripathy says:

      Manyavar,
      Pranaam, kripaya yah kundli dekhen software engineer. Yeh mera hai.

      Date of Birth 10th Feb 1981,
      Time of birth 21:43 (09:43PM) (Indian Standard Time),
      Place of Birth : Bhubaneswar(Odisha,India),
      Gender:Male

      Vivah kab hoga ? kya prem vivah hoga ? Marital life kaisa hoga. 4th Nov 2015 se Mangal ka mahadasha suru hua. Yeh Mahadasha kaisa rahega ?

      Sumit Tripathy

    3. Mr. Tripathy your love is going on and love marriage is possible.

      • Sumit Tripathy says:

        Deepak jee Dhanyvaad,
        Sir Vivah kab hoga kripaya bataden .
        Dedh mahin hua maine right hand index me ek Opal pahna hai.

        Sumit

    4. दीपक शर्मा says:

      प्रणाम सर

    5. SIDDHARTH TRIBHOVANDAS MAHANT says:

      WORKING WITH BANK AND SEEKING FOR PROMOTION FROM SCALE 1 TO SCALE 2
      WHEN

      NAME: SIDDHARTH TRIBHOVANDAS MAHANT
      DATE OF BIRTH : 20-09-1983
      TIME : MORNING 04:10
      PLACE : AHMEDABAD-GUJARAT

    6. Sir 1-4-1990 morning 7:15 sir meta vivah jaab or kese hoga means love ya arrange hoga

    7. Sumit Tripathy says:

      Manyavar,
      Ab tak vivah nahin hua.
      Kripaya yah kundli dekhen software engineer Date of Birth 10th Feb 1981,Time of birth 21:43 (09:43PM) (Indian Standard Time),Place of Birth : Bhubaneswar(Odisha,India),Gender:Male

      Vivah kab hoga ? kya prem vivah hoga ?

      9 Mahine Pahle Opal 8.19 Carat ka right hand index me pahna hai.

      Sumit Tripathy

    8. Madh sharma says:

      Meri DOB 2 July 1995 Ur time 9:45 am new Delhi h
      Mujhe ye Janna h meri shaadi kab hogi love hogi ki arrange Ur shaadi k Baad jeevan kaisa hoga…

    9. Shaily bajpai says:

      My name shaily bajpai d.o.b.27/01/1983 time 6.50am kanpur pls btae mera vivah kB hoga jivn sthi kaisa hoga aur kB hogi aur kya premium vivah hoga

    10. pranay Dwivedi says:

      नमस्कार सर ।
      मेरा नाम प्रणय द्विवेदी है।
      जन्मतिथि 9 अक्टूबर 1992 ।समय 6 30 मिनट सुबह
      मेरा प्रेम विवाहहोगा।या घर वालो की मर्ज़ी से।और कब होगा?

    11. Myra naam deepika h..date of birth 27 jun 1990…timing 9am…sthaan delhi…sir myra swaal y h myra vivaah kb tk hoga ..love marij hogi ya arynj…myra jivn saathi kysa hoga..

    12. Shivani sharma says:

      Namaste Sir,
      My name- Shivani Sharma
      date- 10/10/1994
      Time- 3:36 PM
      SIR, I want to know whether love is happen in my life or not. And when will i get married.

    13. Sunil Kumar pal says:

      प्रणाम गुरू जी
      मेरा नाम सुनील है जन्म तिथि 23-10-1983 समय 3:15 AM
      मेरी प्रेमिका का नाम अपर्णा है जन्म तिथि 7-10-1989 समय 7:10 AM हम दोनों का जन्म स्थान Maunath Bhanjan (U.P.) है हमारा विवाह होगा कि नहीं,
      मेरे परिवार के लोग तो तैयार हो गये हैं परंतु उसके घर वाले तैयार होंगे या नहीं सम्भवतः उसके लिए वर ढूंढ रहे हैं
      विवाह कब होगा
      कृपया निदान करे धन्यवाद

      • Sunil Kumar pal says:

        2010 में उसके पिता जी सहमत थे परन्तु 2013 में उनका देहांत हो गया

    14. Sunil Kumar pal says:

      मान्यवर कृपया मार्गदर्शन करें
      हम दोनों पिछले आठ साल से एक दूसरे से प्रेम करते हैं परंतु विवाह के लिए उसके घर का कोई सदस्य राजी नहीं हो रहे हैं

    15. Date of birth 31 -8 -1971 6-41am rajkot meri shadi abhi tak nahi ho rahi hey kab hogi and kya upay karu pls give me a upay

    16. Sir mera name Prachi srivastav h.mera dob 22.6.1996.time 12:5 din me.day shaniwar .janmsthan up.kya meri love marriage hogi..Mai jis se shadi krna chahti hun us se meri shadi hogi..ladke ka Nam Ranjan Srivastava.dob 20.9.1988.time

    17. Ladke ka dob.20september 1987.time 8:45 pm.day Sunday..place up.

    18. 8/7/1995 time subah 5bje k as pass day Saturday

    19. sir mera nam jaya h. . DOB -27.03.1992
      place-ujjain time- 6.20 am
      or ladke ka nam gautam h.. DOB- 30.07.1988
      place ujjain time- 7.30 am
      hmara prem vivah hoga ya nhii. .. kripya btayiye

    20. Sir mera naam Anshu date of birth 30/4/1996 place – Bhagalpur (DEORIA) TIME- 9 P M PLZ Sir btaye meri love life shaadi tak pahuche gi kya meri live marriage hogi bina vivaad ke plz sir?

    21. pranam guru g,
      mera naam kanchan h dob-13/7/1988,time-4:00am, place-chhindwara(m.p.)
      mai jis ladke se shadi krna chahti hu usse shadi meri hogi ya nhi kripya batayen ladke ka naam subodh barmaiya.
      dib-7/10/1986 place-mandla(m.p.)time-6:00am
      subodh se meri shadi hogi ya nhi guru g ?

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