राहु गोचर 2018 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpio

राहु गोचर 2017 का वृश्चिक राशि पर प्रभावराहु गोचर 2018 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit Effects on Scorpio. राहु ग्रह 9 सितम्बर 2017 को सिंह से कर्क राशि में प्रवेश किया है तथा कर्क राशि में 24 मार्च 2019 तक भ्रमण करते रहेगा। गोचर के दौरान राहु कर्क राशि में 18 महीने 15 दिन तक भ्रमण करेगा ।

आइये जानते है कि राहु का कर्क राशि में आने ( Rahu Transit in Cancer) से वृश्चिक राशि वाले व्यक्ति के जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा व्यवसाय, माता-पिता, धन, शिक्षा, परिवार, भाई-बंधू, दाम्पत्य जीवन इत्यादि पर क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा।

राहु गोचर 2017 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

राहु गोचर 2018 का वृश्चिक राशि पर प्रभाव | Rahu Transit in Cancer 

9 सितम्बर से पूर्व राहु आपके कर्म स्थान पर था परन्तु 9 सितंबर के बाद राहु नवम भाव अर्थात भाग्यस्थान में गोचर किया है। । 9 सितम्बर से पहले अपने कैरियर की उन्नति के लिए आपने जो भी प्रयास किये थे अब भाग्यस्थान का राहु उसे भाग्य से जोड़ने का प्रयास करेगा जो आपके लिए एक सुखद अनुभव होगा।

इस स्थान में राहु आपके पिता के स्वास्थ्य लिए अच्छा नहीं है । पिता को कोई न कोई शारिरिक परेशानी का सामना करना पर सकता है। यदि आपके पिता कोई कार्य कर रहे है तो उन्हें कार्यस्थल पर परेशानी का अनुभव होगा।पिता के साथ आपके विचारात्मक भिन्नता हो सकती है। पिता की प्रॉपर्टी पर आप अपना दावा पेश कर सकते है जिसके कारण पिता को मानसिक व्याघात होगा तथा परिवार और समाज में बदनामी हो सकती है।

कर्क राशि में राहु के गोचर ( Rahu Transit in Cancer) से आपके अंदर आध्यात्मिकता के प्रति भी रुझान बढ़ेगा हालांकि यह सब केवल दिखावा मात्र हो सकता है। आप अपने फायदे के लिए किसी न किसी आध्यात्मिक संस्था को जॉइन करेंगे इसका लाभ भी आपको मिलेगा।

किसी धार्मिक स्थल की यात्रा करने की संभावना बन रही है।राहु के गोचर ( Rahu Transit in Cancer) की वजह से आपके अंदर राजसिक तथा तामसिक दोनों तत्त्व का संचार बढ़ जाएगा जिसके परिणामस्वरूप आपका स्वभाव दुर्योधन के अनुरूप हो सकता है अर्थात आपके अंदर क्रोध तथा उग्रता बढ़ जाएगी। अतः कुछ भी करने से पहले ठंढे दिमाग से सोचे तब कोई फैसला ले तो ठीक रहेगा। अचानक लिए गए फैसले से नुकसान होने की प्रबल सम्भावना है। संस्कृत के विद्वान् ने कहा है —-

सहसा विदधीत न क्रियाम् अविवेकः परमापदां पदम् ।
वृणुते हि विमृश्यकारिणम् गुण लुब्धाः स्वयमेव हि संपदः ॥

अर्थात बिना सोचे कोई भी काम नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेक पूर्वक किया गया कार्य परम् विपत्ति प्रदान करनेवाला होगा। गुण पर लब्ध होनेवाला वैभव खुद ही मानवको पसंद करता है। अतः अच्छी तरह सोच-विचार कर किसी कार्य को अंजाम दें।

छात्र इस समय किसी भी कार्य को शार्ट कट करने में रूचि रखेंगे जो की उचित नहीं है। इस समय इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओ का प्रयोग ज्यादा करने लगेंगे जो इनके परीक्षा परिणाम को प्रभावित करेगा।

नवम भाव धार्मिक स्थल तथा लम्बी यात्रा का भाव है अतः किसी पवित्र स्थल पर यात्रा होगी। साथ ही यह भाव विदेश यात्रा ( Foreign travel and settlement ) भी कराता है यदि आप विदेश जाने के लिए इच्छुक है तो इसके लिए प्रयास शुरू कर देना चाहिए।

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About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Puja, donation, Rudraksh Therapy, Gemstone etc. For an appointment, come through Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9643415100 ( Please don`t call me for free counsultation )

 

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