Effect of Fifth House Lord in 2nd House in Hindi

Effect of Fifth House Lord in 2nd House in HindiEffect of Fifth House Lord in 2nd House in Hindi | जन्मकुंडली में पंचम भाव त्रिकोण स्थान के रूप में जाना जाता है। इस भाव का सम्बन्ध पूर्व जन्म से भी है । जन्मकुंडली में पंचम भाव से किसी भी जातक की बुद्धि, संतान, पढाई, लक्ष्मी इत्यादि को देखा जाता है । इस भाव का स्वामी आपके जन्मकुंडली में जहा भी स्थित होगा वह ग्रह अपने कारकत्व के अलावा इस भाव के लिए निर्धारित कार्यो का फल प्रदान करता है। जैसे यदि पंचम भाव का स्वामी ( Fifth House Lord) दूसरे भाव ( 2nd House) में स्थित है तो वैसा जातक अपनी बुद्धि से धन कमाता है। ऐसा व्यक्ति किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए अपनी बुद्धि का इस्तेमाल अवश्य ही करेगा ।

 

यदि पंचम भाव का स्वामी दूसरे भाव में जाता है तो वह जातक पंचम भाव से सम्बन्धित फल का सुख भोगेगा । जैसे वृश्चिक लग्न में पंचम भाव का स्वामी गुरु दूसरे भाव में स्थित है तो जातक शेयर या ब्याज ( Share or Interest )  पर पैसा लगाकर उससे धन कमाता है।

लोमेश संहिता में कहा गया है —

सुतेशे चायुषि वित्ते बहुमैत्रो न संशय।
उदरव्याधिसंयुक्तः क्रोध युक्तो धानान्वितः। ।

अर्थात यदि पंचम भाव वा सन्तान भाव का स्वामी यदि धन भाव में है तो वैसे जातक को बहुत मित्र होता है। वह पेट की बिमारी से ग्रसित होता है। वह क्रोधी और धनवान होता है इसमें कोई संदेह नहीं है।

पंचम भाव बुद्धि ( Intelligence) , शिक्षा ( Education) , संतान  ( Child )  का भाव है और दूसरा भाव धन, वाणी तथा परिवार का भाव है अतः जब पंचमेश धन भाव में होगा तो ऐसा जातक अपनी बुद्धि और वाणी से धन अर्जन करता है । ऐसा व्यक्ति अध्यापक, प्राध्यापक ( Teacher or Professor )  के पद पर कार्य करता है । आप सरकारी नौकरी में उच्च पद पर कार्य कर प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। कार्यस्थल पर भी आपको सम्मान तथा प्रतिष्ठा मिलेगा ।

आप सामजिक रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे । ऐसा व्यक्ति खाने का शौक़ीन होता है । यदि पंचमेश के साथ षष्ठेश हो तो वैसा जातक हमेशा पेट की बिमारी से परेशान रहता है ।इसकी पाचन शक्ति कमजोर होती है ।

दूसरा भाव परिवार का भी भाव है और पंचम भाव बुद्धि का भी भाव है इस कारण आपकी पत्नी बहुत ही बुद्धिमान तथा पढ़ी लिखी होगी । ऐसा जातक अपने बच्चों तथा परिवार का पूरा ध्यान रखता है ।

यह भाव मारक भाव भी होता है इस कारण पारिवारिक क्लेश ( Family problem )  भी संभव है खासकर तब जब 6, 8 और 12 भाव के स्वामी के साथ संबंध बन रहा हो ।

 
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