Effects of Fifth House Lord in Tenth House in Hindi

Effects of Fifth House Lord in Tenth House in Hindi | पंचम भाव के स्वामी का दशम भाव में फल किसी भी जन्मकुंडली में पंचम भाव संतान ( children) प्यार , बुद्धि, शिक्षा, लक्ष्मी, धन पिता का भाग्य, माता का धन , शेयर आदि का कारक भाव है यह भाव तथा इस भाव  का स्वामी जिस भी स्थान में स्थित होगा उससे सम्बंधित फल प्रदान करेगा।

 

पंचम भाव शुभ भाव है और दशम भाव भी शुभ भाव है अतः शुभ भाव के स्वामी का शुभ भाव में जाने से निश्चित ही उस शुभ होगा। ऐसा व्यक्ति सुखी तथा भाग्यवान होता है। माता पिता के धन से सुख की प्राप्ति होती है क्योकि पंचम भाव माता के भाव से दूसरा अर्थात धन भाव है तो दशम भाव भी  नवम भाव से दुसरा है अतः निश्चित ही ऐसा जातक धन से युक्त होगा। घर में संतान के जन्म के बाद जातक के व्यापार में वृद्धि होती है।

ऐसा व्यक्ति अपने कार्य में सफल होता है उसका मुख्य कारण है की व्यक्ति सकारात्मक सोच को लेकर कोई कार्य करता है  यही नहीं ऐसा जातक अपनी पारिवारिक जीवनशैली और कार्यस्थल की शैली में अंतर होता है यही कारण है की ये लोग अपने व्यावसायिक जीवन में उच्च या चरम स्थिति को प्राप्त करते है। इन्हे अपने व्यावसायिक जीवन में सफल होने के लिए बहुत सारे शुभ अवसर प्राप्त होता है। ऐसे जातक को कर्मशील कहा जाता है।

यदि हम ज्योतिष के सूत्र “भावात भावम” पर विचार करे तो पंचम भाव से दशम भाव षष्ठ स्थान होता है और दशम स्थान से पंचम भाव अष्टम होता है दोनों भाव एकदूसरे से शुभ अशुभ स्थिति में है अतः इनका कोई भी काम आसानी से नहीं हो सकता।  किसी भी कार्य के लिए विशेष प्रयत्न करना पड़ता है।

पंचम भाव धर्म का स्थान है और 10 भाव कर्म का भाव है अर्थात जातक धार्मिक कार्य करने वाला होगा। जातक पुजारी या पंडित हो सकता है। धार्मिक संगठन से जुड़कर काम करने वाला होगा।  धर्म कर्म में आस्था रखेगा।

ऐसे जातक के पास सामान्यतः एक बेटा जरूर होता है हां यदि अशुभ प्रभाव से प्रभावित हो तो बेटा से कष्ट भी होता है। यदि आपके पास दो पुत्र है और अशुभ ग्रह खासकर राहु के साथ है तो एक पुत्र की मृत्यु भी हो सकती है। यदि राहु पंचमेश के साथ दशम भाव में है तो कोई एक लड़का जहर खा कर मर सकता है अतः अपने घर का माहौल अच्छा बनाकर रखे तथा हमेशा अपने बच्चो की समस्या का सकारात्मक रुप से निदान ढूंढने का प्रयास करे।  आपका अहंकार या नासमझी आपके लिए नुक्सान देने वाला होगा। आपका संतान पढाई  में अच्छा नहीं होगा और उसकी पढाई को लेकर आप हमेशा परेशान रहेंगे।

 
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