गुरु गोचर का चतुर्थ भाव में फल | Jupiter transit effects in fourth house

गुरु गोचरगुरु गोचर का चतुर्थ भाव में फल | Jupiter transit effects in fourth house गुरु /बृहस्पति का विभिन्न भाव में गोचर का प्रभाव अलग-अलग रूप में पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु / बृहस्पति को सबसे शुभ ग्रह माना गया है। गुरु की दृष्टि को अमृत तुल्य कहा गया है। देवगुरू बृहस्पति ज्ञान, संतान एवं धन के भी कारक हैं। गोचरवश बृहस्पति एक राशि में लगभग 13 माह तक भ्रमण करते हैं। व्यक्ति की जन्म राशि अर्थात् जन्मकालीन चंद्रमा ( Moon ) जिस राशि में स्थित होते हैं, गोचर में बृहस्पति उस राशि से दूसरे, पाँचवें, सातवें, नवें, तथा ग्यारहवें भाव में जब-जब संचार करते हैं, तब-तब बृहस्पति शुभफल प्रदान करते हैं तथा इनके अतिरिक्त बृहस्पति का अन्य भावों से गोचर शुभफल देने वाला नहीं माना जाता है।

 

गुरू के गोचर का शुभाशुभ फल जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर मिलता है। आइये जानते है कि बृहस्पति/ गुरु का जन्म लग्न से गोचर का जीवन के विभिन्न क्षेत्रों यथा – ज्ञान, संतान, धन, भाई-बंधू, माता-पिता, परिवार, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक जीवन इत्यादि पर कितना प्रभाव पड़ेगा।

 

चतुर्थ भाव में गुरु गोचर का फल | Jupiter transit in fourth house

यदि आपकी जन्मकुण्डली के चतुर्थ भाव में गुरु ( Jupiter ) का गोचर हो रहा है तो कर्म क्षेत्र के लिए बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार एवं रोजगार के क्षेत्र में अनुकूलता एवं लाभप्रद स्थिति बनी रहेगी। आर्थिक रूप से समृद्धि होगी। आपका भाग्य उत्तम रहेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। परिवार के सभी लोग सुख शांति से जीवन गुजारेंगे। सबका मन प्रसन्न रहेगा। सुख समृद्धि के आगमन से मन सकारात्मक विचारों से युक्त रहेगा। आप मानसिक रूप से संतुष्ट रहेंगे।

यदि आप वाहन लेना चाहते है तो आप ले सकते है। भूमि और मकान लेने का मन बना रहे है तो अवश्य ही आपको भूमि और मकान होगा। ससुराल पक्ष से धन लाभ मिल सकता है। रोग एवं बीमारी की संभावना से अभी आप मुक्त रहेंगे। यदि आपकी कोई योजना लम्बित है तो निश्चय ही उसमे सफलता मिलेगी।

 
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