मंगल ग्रह शान्ति उपाय मंत्र पूजा दानादि से करें | Mars Planets Remedies

मंगल ग्रह शान्ति उपाय मंत्र पूजा दानादि से करें | Mars Planets Remedies मंगल ग्रह की मूलभूत प्रकृति प्रजनन और कायाकल्प है। मंगल ग्रह से प्रभावित व्यक्ति का स्वभाव तीक्ष्ण, क्रोधी तथा साहसिक होता है। मंगल का वर्ण रक्त होता है। यह पित्त का कारक ग्रह है। ज्योतिष में मंगल तमोगुणी तथा पुरुष जाति का होता है। मंगल कुंडली में दो राशि का स्वामी है जिनमे से एक मेष तथा दूसरा वृश्चिक है। मेष राशि मूल त्रिकोण राशि है। यह मकर राशि में यह उच्च का एवं कर्क राशि में नीच का होता है तथा दशम भाव में दिक्बली होता है।

 

किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि मंगल अपने ही राशि का है एवं केंद्र या त्रिकोण में शुभ स्थिति में है या उच्च का है तो वैसा जातक अवश्य ही अपनी जीवन यात्रा में सभी सुख सुविधाओं का उपभोग करेगा। वह समाज में मान-सम्मान तथा यश को प्राप्त करेगा। जातक सरकारी नौकरी, भूमि, भाई-बहन इत्यादि सुख का उपभोग करता है।  पढ़े ! “चन्द्र मंगल योग’ कैसे व्यक्ति को धनवान बनाता है 

जन्मकुंडली में मंगल ग्रह की महत्ता | Importance of Mars Planet

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को भूमिपुत्र, भौम, कुज, अवनी, क्रूर, लोहितांग इत्यादि विभिन्न नाम से जाना जाता है। वास्तव में मंगल ग्रह सांसारिक कार्यक्रम को संचालित करने वाली विशिष्ट जीवनदायिनी शक्ति है। मंगल ग्रह जातक के पालन-पोषण के लिए गुरु ग्रह से प्राणशक्ति श्वास के रूप में लेकर जीवनशक्ति को सभी प्राणियों में रक्त के रूप में संचालित करता है। इससे आप समझ सकते है की मंगल ग्रह का जीवन में क्या महत्त्व है। अर्थात जिस तरह शरीर में रुधिर का विशेष महत्त्व है उसी तरह किसी भी जन्मकुंडली में मंगल ग्रह का महत्त्वपूर्ण स्थान है।

मंगल कारक ग्रह है | Significator of Mars Planet

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह भाई, साहस, बल, भूमि, शल्य, क्रिया, तकनीक, इंजीनियरिंग, पुलिस IAS, IPS  , टैंक, तलवार, कबूतर, मांसाहारी, पहलवान, वर्दी की नौकरी इत्यादि का कारक ग्रह है।

मंगल और स्वास्थय | Mars and Health

मंगल ग्रह स्वास्थ्य को अधिक रूप से प्रभावित करता है। यदि मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में है तो शरीर चोट का दाग अवश्य होता है। यह ग्रह शरीर में स्थित रक्त, पित्त, मानसिक उन्माद या क्रोध की पराकाष्ठा, चोट, चेचक, अपेंडिक्स तथा हार्निया, टॉन्सिल इत्यादि पर मंगल का विशेष रूप से प्रभाव होता है। यदि जन्मकुंडली में मंगल ग्रह पीड़ित है तो उपर्युक्त अवयवों में विकार संभव होता है। मंत्र, व्रत, दान तथा हनुमानजी की उपासना करने से आरोग्य लाभ होता है।  मंगल का अन्य ग्रहों के साथ युति फल 

मंगल ग्रह शुभ तथा अशुभ दोनों फल देता है | Benefit of Mars Planet

मंगल ग्रह यदि अनुकूल स्थिति में है तो जातक को भौतिक, आध्यात्मिक तथा दाम्पत्य सुख के साथ समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा भी दिलाता है। यदि मंगल जन्मकुंडली में शुभ स्थिति में है तो यह जातक की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने की शक्ति रखता है इसके विपरीत यदि मंगल ग्रह आपकी जन्म कुण्डली में त्रिक भाव का, नीच का या अशुभ ग्रहो के भाव में स्थित है तो आपको एक्सीडेंट, रक्त विकार, ह्रदय रोग इत्यादि का सामना करना पड़ेगा।  मंगल का विभिन्न भाव में शुभ अशुभ फल विचार

मंगल ग्रह शांति हेतु आराध्यदेव

मंगल ग्रह के लिए आराध्य देव हनुमानजी है। अतः मंगल ग्रह की शांति हेतु हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए। कैसे करे ! मंगदोष का निवारण ?

किस मंत्र से करे मंगल के दुष्प्रभाव को कम | Mars Mantra

जन्मकुंडली में मंगल के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए मंगल मंत्र का जाप करने से अनेक प्रकार की समस्याओ से निजात पा सकते है। यदि आप मंगल के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हैं या जन्मकुंडली में मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में है, तो आपको यह उपाय अवश्य करना चाहिए। मंगल मन्त्र का जप ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन से आरम्भ करना चाहिए।  मंगल का तुला राशि में गोचर फल 2017

मंगल ग्रह के लिए तांत्रिक मंत्र | Tantrik Mantra for Mars

“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”

ॐ अं अंगारकाय नमः

मंगल ग्रह के लिए गायत्री मंत्र

ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्न: भौम प्रचोदयात।।

मंगल मन्त्र की जप संख्या

जप संख्या – 7000
हवन – 700
तर्पण – 70
मार्जन – 7
ब्राह्मण भोजन – 1

मंगल ग्रह शांति हेतु दान | Donation for Mars Planets

मंगल ग्रह के लिए निम्नलिखित वस्तुओ का दान करना चाहिए। दान से पूर्व मंगल ग्रह तथा हनुमानजी की पूजा विधिवत करनी चाहिए उसके बाद नवग्रह की पूजा करे। मंगल से संबंधित वस्तुओं का दान मंगलवार के दिन दोपहर में किसी ब्रह्मचारी को दान देनी चाहिए यदि ब्रह्मचारी नही मिले तो ब्राह्मण को देनी चाहिए।

गेहूँ
गुड़
भूमि
लाल चन्दन
ताम्र
लाल वस्त्र

मंगल ग्रह की शांति हेतु तांत्रिक टोटका

  1. हनुमानजी की पूजा प्रतिदिन करे।
  2. तंदूर में मीठी रोटी बनाकर दान करे।
  3. मसूर दाल का दान करने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

मंगल ग्रह की शांति हेतु व्रत

मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगलवार का व्रत करनी चाहिए। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से आरम्भ करना चाहिए। मंगलवार व्रत कम से कम 21 और अधिक से अधिक 45 मंगलवार का व्रत करना चाहिए।

मंगल ग्रह के लिए कौन सा रत्न धारण करें

यदि मंगल ग्रह आपके कुंडली में शुभ है या योगकारी है या लग्न का स्वामी है और उसे बलप्रदान करना है तो वैसी स्थिति में जातक को स्वर्ण धातु में मूंगा ( Coral Gemstone ) रत्न की अंगूठी धारण करनी चाहिए। मूंगा रत्न का वजन कम से कम ४ रत्ती का अवश्य होना चाहिए।

मंगल ग्रह शांति के लिए रुद्राक्ष

यदि आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है तथा मंगल ग्रह अशुभ स्थिति में है तो उसके समाधान के लिए त्रिमुखी रुद्राक्ष का धारण करना चाहिए।  जरूर पढ़े ! त्रिमुखी रुद्राक्ष मांगलिक दोष दूर करता है 

 
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