मंगल गोचर तिथि 2018 | Mangal Gochar 2018 | Mars Transit 2018

मंगल गोचर तिथि 2018 | Mangal Gochar 2018 | Mars Transit 2018. ज्योतिष शास्त्र तथा भारतीय पौराणिक ग्रंथों में मंगल को भूमि पुत्र कहा जाता है इसलिए मंगल को भौम के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष में मंगल ग्रह की दो रशिया है मेष एवं वृश्चिक राशि। दोनों राशियों का एक दूसरे से सम्बन्ध छह और आठ का है। मंगल का मित्र ग्रह सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति है। बुध व केतु इनके शत्रु हैं। मंगल के लिए शुक्र और शनि तटस्थ ग्रह के रूप में है। मंगल मकर राशि में उच्च के तथा कर्क राशि में नीच का होता है। दशम भाव में दिक्बली होता है। इसका वर्ण रक्तवत है। यह पित्त का कारक ग्रह है। ज्योतिष में मंगल तमोगुणी तथा पुरुष जाति का ग्रह है।

किसी भी जातक की जन्मकुंडली में यदि मंगल अपने ही राशि का है एवं केंद्र या त्रिकोण में शुभ स्थिति में है या उच्च का है तो वैसा जातक अवश्य ही अपनी जीवन यात्रा में सभी सुख सुविधाओं का उपभोग करेगा। वह समाज में मान-सम्मान तथा यश को प्राप्त करेगा। जातक सरकारी नौकरी, भूमि, भाई-बहन इत्यादि सुख का उपभोग करता है।  पढ़े ! “चन्द्र मंगल योग’ कैसे व्यक्ति को धनवान बनाता है

मंगल ग्रह का महत्त्व | Importance of Mars Planet

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को विभिन्न नाम से जाना जाता है जैसे भौम, भूमिपुत्र, कुज, क्रूर ग्रह, इत्यादि। वस्तुतः मंगल जातक को ऊर्जा प्रदान करता है और इसी ऊर्जा के सहारे व्यक्ति सांसारिक यात्रा को संचालित करता है। मंगल ग्रह व्यक्ति के पालन-पोषण के लिए बृहस्पति ग्रह से प्राणशक्ति श्वास के रूप में लेकर इस जीवनशक्ति को सभी प्राणियों में रक्त के रूप में संचालित करता है। मंगल का यह कार्य खुद ही बयां कर देता है की हमारी जीवन यात्रा में मंगल का कितना महत्त्व है।

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह साहस, बल, भूमि, भाई, शल्य-क्रिया, तकनीक, पुलिस IAS, IPS , इंजीनियरिंग, शस्त्र, तलवार, बन्दुक, पहलवान इत्यादि का कारक ग्रह है। इस ग्रह से प्रभावित व्यक्ति की प्रकृति तीक्ष्ण, क्रोधी तथा साहसिक होता है।

मंगल ग्रह के लिए शुभाशुभ विचार | Benefit of Mars Planet

यदि आपकी जन्मकुंडली में मंगल उच्च का, त्रिकोण में, केंद्र में, योग कारक ग्रह के रूप में स्थित है तो निश्चित ही आपको अपनी जीवन यात्रा में भौतिक, आध्यात्मिक तथा दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होगी साथ ही समाज में मान-सम्मान और यश भी मिलेगा। इसके विपरीत यदि मंगल ग्रह आपकी जन्म कुण्डली में अशुभ भाव का स्वामी, अशुभ में स्थित है, नीच का है या अशुभ ग्रहो के भाव में स्थित है तो निश्चित ही अपनी दशा और अन्तर्दशा में ख़राब फल करेगा।

यदि मंगल गोचर में अशुभ भाव में, या अशुभ ग्रह के साथ वा प्रभाव में है तो निश्चित ही ख़राब फल करेगा जैसे यदि मंगल गोचर में कर्क राशि में अर्थात नीच होकर गोचर में है तो मिथुन राशि वालो के दाम्पत्य जीवन में तहलका मचा सकता है। उसकी अपनी ही वाणी दोष के कारण तलाक तक की नौबत आ सकती है। इस प्रकार स्पष्ट है की मंगल अपने गोचर में शुभ और अशुभ दोनों फल प्रदान करने में समर्थ है।

मंगल गोचर तिथि 2018 | Mangal Gochar 2018 | Mars Transit 2018

गोचर  ग्रह  2018गोचर राशिगोचर आरम्भ तिथिगोचर  समाप्ति तिथिगोचर आरम्भ दिन
मंगल गोचरवृश्चिक17 जनवरी 201807 मार्च 2018बुधवार
मंगल गोचरधनु07 मार्च 201802 मई 2018बुधवार
मंगल गोचरमकर02 मई 201806 नवंबर 2018बुधवार
मंगल गोचरकुम्भ06 नवंबर 201823 दिसंबर 2018मंगलवार
मंगल गोचरमीन23 दिसंबर 201806 फरवरी 2019रविवार

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