बुध का दो ग्रहों के साथ युति फल | Mercury Conjunction Effects

बुध का दो ग्रहों के साथ युति फल | Mercury Conjunction Effects. किसी भी जातक की जन्मकुंडली में बुध ग्रह बुद्धि, स्कूल, शिक्षा, व्यापार, गणित, कॉमर्स, बुआ, पार्क, गार्डन, लेखन, ज्योतिष इत्यादि का कारक है। यदि आपकी कुंडली में बुध उच्च का, अपने घर का, केंद्र या त्रिकोण स्थान में है तो जातक अपने जीवन काल में मनोनुकूल सुख सुविधा का उपभोग करता है।

 

बुध ग्रह सौरमंडल में सूर्य के सबसे निकट तथा का सबसे छोटा ग्रह है। यह जातक के गर्दन, कंधे व त्वचा पर अपना प्रभाव डालता है। बुध ग्रह कन्या राशि में उच्च का होता है। मीन राशि में नीच का होता है। यह एक नपुंसक ग्रह है जिस ग्रह के साथ बैठता है उसके गुण से प्रभावित होकर कार्य करने लगता है। बुध प्रधान व्यक्ति की यह एक सबसे बड़ी विशेषता है कि वह हर परिस्थिति में अपने आप को ढाल लेता है।

बुध की दो राशियाँ है मिथुन तथा कन्या दोनों राशि द्विस्वभाव राशि है। बुध का रंग हरा होता है। यह कफ का कारक ग्रह है। बुध शरीर में चर्म का कारक ग्रह है। इसकी जाति व्यापारी वा वैश्य है। बुध जब कुण्डली में किसी अन्य ग्रह के साथ युति सम्बन्ध बनाता है तो कुछ ग्रहों के साथ इसके परिणाम शुभ फल प्रदान करता है तो कुछ ग्रहों के साथ इसकी शुभता में कमी आ जाती है।

आइये प्रस्तुत लेख के माध्यम से यह जानने का प्रयास करते है की यदि बुध के साथ अन्य ग्रहो की युति बन रही है तो उसका फल शुभ होगा या अशुभ।

बुध और सूर्य की युति का फल

बुध-गुरु युति का फल | Mercury Jupiter Conjunction Effects

यदि आपकी कुंडली में बुध और गुरु एक साथ एक ही घर में बैठे है तो जातक अपनी वाणी के बल पर जीविकोपार्जन करता है। विद्यार्जन में अव्वल होता है। ऐसा व्यक्ति भाषण देने तथा सभासद में बोलने में निपुण होता है। आप विद्वान, बुद्धिमान व्यक्ति होंगे। आपके जिस स्थान पर रहेंगे उसके आस-पास कोई गार्डेन होना चाहिए। आप धनवान तथा भूमि के मालिक होंगे। ऐसा व्यक्ति मीडिया में कार्य कर इस क्षेत्र में मान-सम्मान और यश को प्राप्त करता है।

बुध और चन्द्रमा की युति का फल

बुध-शुक्र युति का फल | Mercury Venus Conjunction Effects

यदि किसी भी जातक की जन्मकुंडली में बुध ग्रह के साथ शुक्र भी एक ही भाव में बैठा है तो वैसा व्यक्ति कला के क्षेत्र में अपना नाम रौशन करता है। फिल्म या टीवी सीरियल या मीडिया में भी काम कर के जीवनयापन करता है। ऐसा साज-सज्जा का शौक़ीन होता है। यह बहुत बढ़िया कपड़ा पहनना, परफ्यूम लगाना इत्यादि पसंद करता है। आप अनलिटिक केमिस्ट के रूप में काम कर सकते है और यदि इस ग्रह के साथ मंगल भी साथ में हो तो आप आर्किटेक के रूप में काम कर सकते है। बाग बगीचे प्लांटेशन के कार्य में आपको बहुत मन लगेगा। स्त्रियों के साथ समय व्यतीत करने में आपको बहुत अच्छा लगेगा। आपकी वाणी बहुत ही मधुर और व्यवहार कुशल होगी।

बुध-शनि योग/ युति/सम्बन्ध का फल | Mercury Venus Conjunction Effects

यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध के साथ शनि एक ही स्थान में स्थित है तो ऐसा जातक नकारात्मक सोच का होता है। किसी भी कार्य को करने से पहले हजार बार सोचता है। ऐसा जातक पढ़ने में आलसी होता है। इनके चहरे पर उदासी देखी जा सकती है। ऐसा जातक भूमि के कार्य में अपार सफलता प्राप्त करता है। आप नापने जोखने अर्थात अमीन का काम कर सकते है। पढाई के दौरान कोई कोई न कोई परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बुध और मंगल की युति का फल

बुध-राहु युति का फल | Mercury Rahu Conjunction Effects

यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध के साथ राहु एक ही स्थान में स्थित है तो ऐसा जातक बहुत ही बोलने वाला अर्थात डिंग हांकने वाला होता है। जातक की बुद्धि कम होती है परन्तु दिखाता है की मैं बहुत ही बुद्धिमान हूँ। ऐसा जातक अन्तर्जातीय विवाह करता है। आप फिल्म इंडस्ट्री में फोटोग्राफर के रूप में कार्य कर अपना जीविका चला सकते है।

बुध-केतु युति का फल | Mercury Rahu Conjunction Effects

यदि आपकी जन्मकुंडली में बुध के साथ केतु ग्रह एक ही स्थान में स्थित है तो ऐसा जातक मोक्ष मार्गी होता है। वह हमेशा मोक्ष तथा आत्मज्ञान की बात करते रहेगा। इस योग में चार्म रोग होने की सम्भावना बनी रहती है। ऐसे लोगो को अनैतिक सम्बन्ध से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। आप विद्या अर्जन भी करेंगे।

बुध ग्रह का कुंडली के विभिन्न भाव/स्थान में फल

 
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