बुध ग्रह शांति के उपाय मंत्र दानादि से करें । Mercury Planets Remedies

बुध ग्रह शांति के उपाय मंत्र दानादि से करें । Mercury Planets Remedies. ज्योतिष में बुध बुद्धि का प्रतीक है जो सभी परिस्थितियों तथा सम्बन्धों में समान रूप से सक्रिय हो सकता है। यह चेतना का प्रतीक है। मृत्यु के बाद मनुष्य का पार्थिव शरीर भू लोक पर ही रहकर विनष्ट हो जाता है परंतु मनुष्य का अंतः अस्तित्व उसके मनस द्वारा ही मृत्यु के बाद लोकों में परिचालित होता है। अतः यह स्पष्ट है कि बुध के इस दायित्व में मनुष्य के नवीनीकरण की शक्ति भी निहित है।

 

जन्मकुंडली में बुध की महत्ता | Importance of Mercury Planet

जन्मकुंडली में बुध का प्रभाव किसी भी जातक के व्यक्तित्त्व पर मूलरूप से पड़ता है। ज्योतिष में बुध ग्रह का सम्बंध बुद्धि वा दिमाग से है यही कारण है कि जिस जातक की जन्मकुंडली में बुध मजबूत है वह शिक्षा के क्षेत्र में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है। बुध के साथ ग्रहो की युति से अनेक प्रकार के योग उत्पन्न होते है। बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य योग, केंद्र में उच्च का होने पर “भद्र योग” का निर्माण करता है ।
बुध ग्रह अति चंचल भ्रमणशील एवं मिलनसार ग्रह है यह जिस ग्रह के साथ रहता है उसी के जैसा व्यवहार करने लगता है। यथा बुध यदि सूर्य ग्रह के साथ है तो जातक दर्शनशास्त्र का ज्ञाता या लेखक के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त करता है।

बुध ग्रह निम्नलिखित का कारक ग्रह है | Significator of Mercury Planet

ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह बुद्धि, बुआ, व्यापार, शिक्षा, गणित, गार्डेन, वृक्ष, चांदी, वृक्षारोपण, जमीन, विष्णु, अध्यापक, विद्वान, भाषा, ड्राइवर, लिपिक, ब्रेन, मेन्टल संतुष्टि इत्यादि का कारक ग्रह है।

बुध ग्रह और स्वास्थय | Mercury and Health

बुध ग्रह स्वास्थ्य को अधिक रूप से प्रभावित करता है। शरीर में स्थित स्नायु तंत्र पर बुध का पूर्ण अधिकार है इसी कारण यदि जन्मकुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में है या अशुभ ग्रह के प्रभाव में है तो जातक मानसिक परेशानी एवं डिप्रेशन का शिकार होता है। यदि जन्मकुंडली में बुध ग्रह पीड़ित है तो उपर्युक्त अवयवों में विकार होगा ही होगा इसमें कोई संदेह नहीं है। अतः व्यक्ति को बुध से सम्बंधित मन्त्र, पूजा दान इत्यादि करके शारीरिक व्याधि से छुटकारा पा सकता है।

बुध ग्रह शुभ तथा अशुभ दोनों फल देता है | Benefit of Mercury Planet

बुध ग्रह यदि अनुकूल स्थिति में है तो जातक को बौद्धिक सुख प्रदान करता है।जातक बौद्धिकता की पराकाष्ठा का अनुभव करता है इसी के कारण समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा को प्राप्त करता है। यदि बुध जन्मकुंडली में शुभ स्थिति में है तो यह जातक की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने की शक्ति रखता है परन्तु यदि अगर बुध अशुभ स्थिति में है तो मान-सम्मान, प्रतिष्ठा तथा बुद्धि को नष्ट करता है।  कुंडली के विभिन्न भाव में बुध का फल

बुध ग्रह की शांति हेतु आराध्यदेव

बुध ग्रह के लिए आराध्य देव दुर्गा जी है। अतः बुध की शांति हेतु दुर्गा माता की आराधना करनी चाहिए।

किस मंत्र से करे बुध ग्रह के दुष्प्रभाव को कम | Mercury Mantra

जन्मकुंडली में बुध के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए बुध मंत्र का जप करने से अनेक प्रकार की समस्याओ से मुक्ति पा सकते है। यदि आप बुध के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हैं या जन्मकुंडली में बुध ग्रह अशुभ स्थिति में है, तो आपको यह उपाय अवश्य करना चाहिए। बुध मन्त्र का जप बुधवार के दिन से आरम्भ करना चाहिए।

बुध ग्रह के लिए तांत्रिक मंत्र | Tantrik Mantra for Mercury

“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नम:”

ॐ ऐं श्रीं श्रीं बुधाय नमः

ॐ बुं बुधाय नमः

बुध ग्रह के लिए गायत्री मंत्र

ॐ सौम्यरूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्न: सौम्य: प्रचोदयात।।

बुध ग्रह मन्त्र की जप संख्या

जप संख्या – 17000
हवन -1700
तर्पण – 170
मार्जन – 17
ब्राह्मण भोजन – 2

बुध ग्रह की शांति हेतु दान | Donation for Mercury Planets

बुध ग्रह के लिए निम्नलिखित वस्तुओं का दान देना चाहिए। दान से पूर्व बुध ग्रह की पूजा विधिवत करनी चाहिए उसके बाद नवग्रह की पूजा करे। बुध से संबंधित वस्तुओं का दान बुधवार के दिन सुबह में जरूरतमंद कम आयु की कन्या को दान देना चाहिए यदि यह सम्भव नहीं हो सके तो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान दे।

घी
हरा वस्त्र
हलवा
कर्पूर
भोजन
पन्ना

बुध ग्रह के लिए तांत्रिक टोटका

  1. दुर्गा जी की आराधना करें।
  2. दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रतिदिन करें।
  3. छेद वाले ताम्बे के पैसे को नदी में प्रवाहित करें।
  4. कुँवारी कन्या का पूजन करें

बुध ग्रह की शांति हेतु व्रत

बुध ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए जातक बुधवारी व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार से प्रारम्भ करना चाहिए।पंचमुखी रुद्राक्ष

बुध ग्रह शांति के लिए कौन सा रत्न धारण करें

यदि बुध ग्रह आपके कुंडली में शुभ है या योगकारी है या लग्न का स्वामी है और उससे शुभत्व प्राप्त करना है तो वैसी स्थिति में जातक को स्वर्ण धातु में पन्ना ( Coral ) ओनेक्स, तुरमली रत्न की अंगूठी बनवाकर धारण करनी चाहिए। पन्ना का वजन कम से कम ४ रत्ती का अवश्य होना चाहिए। अवश्य पढ़े ! बुध का दो ग्रहों के साथ युति फल

बुध ग्रह शांति के लिए रुद्राक्ष

यदि आपकी कुंडली में बुध ख़राब स्थिति में है तो है तो उसके समाधान के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष की पूजा तथा धारण करना चाहिए।

 
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About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Puja, donation, Rudraksh Therapy, Gemstone etc. Phone No 9643415100 ( Please don`t call for free prediction ) email - drdk108@gmail.com. For an appointment, go to Astro Services

 

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