Neech Bhang Rajyog Combination in Hindi

Neech Bhang Rajyog combination in Hindi |  प्रत्येक जन्मकुंडली में ग्रह किसी न किसी राशि में बैठा होता है । राशि तथा राशि के स्वामी के आधार पर ग्रह की उच्च, नीच, मित्र क्षेत्री, शत्रु क्षेत्री इत्यादि का निर्धारण किया जाता है । उदहारण स्वरूप वृहस्पति कर्क राशि में उच्च का होता है तो मकर राशि में नीच का होता है सामान्यतः जो ग्रह जिस राशि में उच्च का होता है उससे सातवे स्थान में नीच का होता है इसके विपरीत यथा मंगल ग्रह कर्क राशि में नीच का होता है तो उससे सातवां स्थान मकर राशि का होता है अतः मंगल मकर में उच्च का होगा । इसी प्रकार अन्य ग्रह भी अपने नीच स्थान से सातवे स्थान में उच्च का भी होता है तथा अपने उच्च स्थान से सातवे स्थान पर नीच का होता है।

 

कौन ग्रह किस राशि में नीच तथा उच्च का होता है

ग्रह –         नीच राशि     उच्च राशि

सूर्य –           तुला           मेष

चन्द्रमा –    वृष

मंगल –       कर्क           मकर

बुध –           मीन          कन्या

वृहस्पति –   मकर        कर्क

शुक्र –          कन्या       मीन

शनि –          मेष            तुला

राहु-             धनु            मिथुन 

केतु –          मिथुन        धनु 

Neech Bhang Rajyog Combination in Hindi

नीच भंग राजयोग कब और कैसे होता है

ग्रहो की उच्च नीच अवस्था के आधार पर ज्योतिषी सम्बंधित ग्रह का फल कथन करता है परंतु किसी भी ज्योतिषी को केवल उच्च नीच को देखकर फल कथन नहीं करना चाहिए ऐसा करने पर फल की सत्यता में संदेह संभावित है।

यदि कोई ग्रह अगर अपनी नीच राशि में बैठा है या शत्रु भाव में है तो आम  सोच यह होती है कि जब उस ग्रह की दशा अंतर्दशा  आएगी तब वह जिस घर अथवा  भाव में बैठा है उस घर से सम्बन्धित विषयों में नीच अर्थात अशुभ फल प्रदान करेगा  परन्तु मेरे अनुसार हमेशा ऐसा नहीं होता है।

कभी कभी अन्य ग्रहों तथा भाव के अनुसार ऐसे ग्रह भी राजयोग की तरह ही फल देता हैं । इसी कारण इस ग्रह से बनने वाले योग को नीच भंग राजयोग कहा जाता हैं ।

भारतीय वैदिक ज्योतिषशास्त्र में नीच भंग राजयोग से सम्बंधित नियम का निर्धारण किया गया है जिसके अनुसार किन किन परिस्थितियों में नीच के ग्रह भी शुभ फल प्रदान करते है आईये जानते है उस नियम तथा उसकी सार्थकता।

  1. जिस राशि में नीच का ग्रह बैठा है  उस राशि का स्वामी अपनी उच्च राशि में बैठा है  तो नीच ग्रह का दोष नहीं लगता है | वैसी स्थिति में नीच का ग्रह भी शुभ फल दे देता है ।
  2. जिस राशि में नीच का ग्रह बैठा हो, उस राशि का स्वामी ग्रह उसे देख रहा हो अथवा जिस राशि में ग्रह नीच होकर बैठा हो उस राशि का स्वामी अपने ही घर में बैठा हो तो अपने आप ही ग्रह का नीच भंग हो जाता है ।
  3. जिस राशि में ग्रह नीच का होकर बैठा है उस ग्रह का स्वामी यदि लग्न से अथवा जन्म राशि से केन्द्र में स्थित है तो वह ग्रह नीच भंग राज योग बनाता है ऐसी स्थिति में नीच का ग्रह भी शुभ फल प्रदान करता है ।
  4. नीच भंग राजयोग के विषय में एक नियम यह भी है कि नीच राशि में बैठा ग्रह अगर अपने सामने वाले घर यानी अपने से सातवें भाव में बैठे नीच ग्रह को देख रहा है तो दोनों नीच ग्रहों का नीच भंग हो जाता है । यथा —  मंगल कर्क में नीच का होता है तथा गुरु मकर में नीच का होता है । अतः मंगल और गुरु जब नीच होकर बैठे है तो एक दूसरे को देखेंगे इस परिस्थिति में दोनों ग्रहों की नीचता भंग हो जाती है तथा शुभ फल देने की स्थिति में आ जाती है ।
  5. यदि जन्म कुण्डली में कोई ग्रह नीच राशि में है तथा नवमांश कुण्डली में वही ग्रह उच्च राशि में बैठा है तो वह नीच का राशि का फल नहीं देता है । क्योकि ऐसी  स्थिति में उस ग्रह की नीचता भंग हो जाता है।
  6. जिस राशि में कोई  ग्रह नीच होकर बैठा है  उस राशि का स्वामी  तथा उस राशि का स्वामी जिसमे नीच के ग्रह उच्च का होता है उसका स्वामी लग्न से कहीं भी केन्द्र में स्थित हों तो नीच भंग राज योग होता है तथा वह शुभ फल करता है ।
  7. किसी नीच ग्रह से कोई उच्च का ग्रह जब दृष्टी सम्बंध या क्षेत्र सम्बंध बनाता हैं तो यह स्थिति नीच भंग राज योग बनाने वाली होती हैं ।
  8. यदि कोई ग्रह नीच का है किन्तु वह वक्री होकर बैठा है तो नीच भंग राज योग बनता हैं ।
  9. यदि दो नीच का ग्रह एक दूसरे को देख रहा है तो वह भी नीच भंग राजयोग कहलाता है ।

 
Tagged with 
About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Puja, donation, Rudraksh Therapy, Gemstone etc. For an appointment, come through Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9643415100 ( Please don`t call me for free counsultation )
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *