Remedies for Jupiter – गुरु ग्रह के शान्ति हेतु उपाय

Remedies for Jupiter – गुरु ग्रह के शान्ति हेतु उपाय करने से शीघ्र ही शुभफल की प्राप्ति होती है। यदि आपके जीवन में धन की कमी हो रही हो, आर्थिक नुकसान हो रहा हो, संतान सुख में देर हो रही है या लड़की की शादी नहीं हो रही है तो समझ जाइए की जन्म कुंडली में गुरु अशुभ स्थिति में है और अशुभ फल दे रहा है। वैसी स्थिति में शुभ फल प्राप्त करने के लिए गुरु ग्रह से सम्बंधित मन्त्र (Mantra) रत्न (Gemstone) तंत्र (Tantra) तथा गुरु/बृहस्पति देव के कारक वस्तुओं का दान (Donation) करना चाहिए। ग्रहों के शान्ति हेतु उपाय करने से शीघ्र ही लाभ की प्राप्ति होती है।

 

गुरु/बृहस्पति(Jupiter) सभी ग्रहों में सबसे शुभ ग्रह है इसलिए जीवन में गुरु ग्रह की शुभता की सबसे अधिक  जरूरत होती है। जब कुण्डली में गुरु अशुभ भावों का स्वामी हों और गुरु की महादशा  चल रही हो तो अवश्य ही इसकी शान्ति के लिए उपाय करने से लाभ मिलता है। गुरु संतान, धन, ज्ञान  तथा न्याय का कारक ग्रह है। अतः गुरु के उपाय करने पर धन, ज्ञान व संतान सुख की प्राप्ति में आने वाली बाधाएं शीघ्र ही समाप्त हो जाती है। गुरु ग्रह के शान्ति के लिए किए जाने वाले उपाय निम्न प्रकार से हैं —–

Remedies for Jupiter

गुरु मंत्र का जप करना (Remedies for Jupiter through Mantra )

यदि आपके जन्मकुंडली में गुरु/बृहस्पतिदेव ख़राब भाव  जैसे छठे,आठवें या बारहवें स्थान में बैठे है तो उस स्थिति में निश्चय ही गुरु/बृहस्पतिदेव अशुभ फल देते है। गुरु/बृहस्पतिदेव के इस अशुभ फल से बचने के लिए जातक को गुरु के बीज मंत्र का जाप करना चाहिए। मन्त्र जाप करने से निश्चय ही शुभ फल मिलता है। मंत्र का जाप प्रतिदिन एक माला या एक से अधिक माला करना चाहिए। प्रतिदिन यदि निश्चित समय पर मंत्र का जाप करते हैं तो अवश्य ही शुभ फल की प्राप्ति होती है। यदि आपके पास समय का अभाव  है तो आपको कम से कम गुरुवार के दिन जरूर ही मन्त्र जाप करना चाहिए।गुरु/वृहस्पतिदेव का मन्त्र निम्न है —-

गुरु का तंत्रोक्त मन्त्र — ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। 19000 बार

ॐ बृं बृहस्पतयै नमः  —  16000 बार

गुरु गायत्री मन्त्र — ॐ अंगिरसाय विद्यहेदिव्यदेहाय धीमहि तन्नोजीवः प्रचोदयात्।

गुरु मन्त्र का जाप शुक्ल पक्ष में गुरूवार के दिन से ही शुरू करना चाहिए। उपर्युक्त मंत्रो में से किसी एक मन्त्र का संकल्प करें तथा निश्चित संख्या का जपकर उसका दशांश हवन उसका दशांश तर्पण उसका दशांश मार्जन कर उसका दशांश ब्राह्मण भोजन कराना चाहिए या स्वयं ही १०८ दाने की स्फटिक अथवा रुद्राक्ष की माला पर नित्य जप करें।

गुरु की वस्तुओं का दान (Remedies for Jupiter Through Donation)

गुरु की वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति को बहुत ही लाभ मिलता है। कहा जाता है कि दान करने से व्यक्ति को सभी प्रकार के बाधा से मुक्ति मिलती है – दानादेवसर्वबाधाविमुक्तये। गुरु/वृहस्पतिदेव के लिए दान की जाने वाली वस्तुएं निम्नलिखित है —–

पीला अन्न, सोना, नमक, हल्दी की गांठें, नींबू ,  शहद, पुस्तक, पीला फूल तथा फल आदि का दान  गुरुवार को करना चाहिए। दान हमेशा अपने सामर्थ्य के अनुसार ही करना चाहिए। गुरुवार को सुबह में बृहस्पति ग्रह की विधिवत पूजा कर उपरोक्त वस्तुओ में से किसी एक वस्तु को ब्राह्मण अथवा वैसे व्यक्ति को जिसे वास्तव में आपके द्वारा दिए जाने वाले वस्तु की जरुरत है दान दे देना चाहिए।

Remedies for Jupiter

गुरु यन्त्र (Remedies forJupiter through Yantra)

यदि जन्मकुंडली में गुरु अशुभ फल प्रदान कर रहा है तो गुरु यन्त्र धारण करने से शुभ फल मिलना शुरू हो जाता है। इसके धारण करने से धन संबन्धित परेशानियों में कमी होती है तथा आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है। इस यन्त्र के प्रभाव से संतान सुख का अवसर मिलता है। यही नहीं यदि आप विद्यार्थी हैं और आपको पढ़ने में मन नहीं लग रहा है तो इस यंत्र को धारण करने अवश्य ही लाभ मिलता है।

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व्रत (Remedy for Jupiter through Fasting)

यदि आपका गुरु अशुभ परिणाम दे रहा है और आप परेशान है तो आपको बृहस्पतिवार का व्रत (Fasting of Thursday for Jupiter Planet) करना चाहिए। इस व्रत को करने से ज्ञान की वृद्धि, विद्या के क्षेत्र में सफलता तथा धन की प्राप्ति होती है। यदि आपकी शादी नहीं हो रही है तो निश्चय ही शादी हो जायेगी।

रत्न धारण (Remedies For Jupiter through Gemstone)

यदि कुंडली में गुरु शुभ स्थिति में है और उसकी दशा अन्तर्दशा चल रही है तो सोने(Gold) में पोखराज (yellow Sapphire) रत्न धारण करना चाहिए। यह रत्न तर्जनी अंगुली में गुरूवार के दिन

Remedies for Jupiter

ही सुबह सुबह धारण करना चाहिए।

 
   

5 thoughts on “Remedies for Jupiter – गुरु ग्रह के शान्ति हेतु उपाय

  1. दीपक शर्मा says:

    पढ़ कर अच्छा लगा

    • धन्यवाद

    • केके त्रिपाठी says:

      आदरणीय शर्मा जी,
      नमस्कार,
      मेरी पुत्री का जन्म तारीख 10,02,1991 जन्म समय प्रात 4 बजे है । ऐसा बताया गया है कि इसकी कुंडली में गुरु दोष है कृपया इसका निवारण आवश्यक है निवारण न कराने पर क्या हानि होगी।सूचित करने की कृपा करें। मेरा मेल kktripaathi2018@gmail.com
      धन्यवाद
      केके त्रिपाठी

  2. Good reading

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