Santan Gopal Mantra | संतान गोपाल मन्त्र – पुत्र प्रदायक है

Santan Gopal Mantra | संतान गोपाल मन्त्र - पुत्र प्रदायक हैSantan Gopal Mantra / संतान गोपाल मन्त्र- पुत्र प्रदायक है  इसका जप  श्री कृष्णजी के बालरूप चित्र के समक्ष यदि पति-पत्नी दोनों संकल्पपूर्वक, प्रतिदिन, नियमित तथा विधिवत रूप से, धुप-दीप-नैवैद्य के साथ करते है तो जातक को अवश्य ही मनोवांछित पुत्र संतान की प्राप्ति होगी ऐसा शास्त्रीय वचन है। वस्तुतः शास्त्रों में संतान इच्छा पूर्ति के लिए ऐसे ही अनेक उपाय बताए गए हैं, जिनसे बिना किसी परेशानी या आर्थिक बोझ के इच्छा की पूर्ति हो सकती है, उनमे संतान गोपाल मन्त्र भी है।

Santan Gopal Mantra | संतान गोपाल मन्त्र

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। 
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।

संतान गोपाल मन्त्र का जप कैसे करें

संतान गोपाल मन्त्र का जप श्री कृष्ण जन्माष्टमी अथवा किसी शुभ मुहूर्त में ही प्रारम्भ करना चाहिए। पाठ का प्रारम्भ किसी सुयोग्य ब्राह्मण द्वारा श्रद्धापूर्वक करवाना चाहिए यदि ऐसा संभव नही हो तो जातक स्वयं प्रारम्भ करना चाहिए। स्वयं पाठ करना अति श्रेष्ठकर माना जाता है। मन्त्र जप से पहले विनियोग, अंगन्यास तथा ध्यान करना चाहिए तदुपरांत बीज मंत्र का जप करना चाहिए।

विनियोग :- श्री सन्तानगोपालमंत्रस्य श्री नारद ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः श्री कृष्णो देवता गलौं बीजं नमः शक्ति पुत्रार्थे जपे विनियोगः।

अंगन्यास :- देवकीसुत गोविन्द हृदयाय नमः, वासुदेव जगतपते, शिरसे स्वाहा, देहि में तनयं, कृष्ण शिखायै वषट, त्वामहं शरणम् गतः कवचाय हुम्, ॐ नमः अस्त्राय फट।।

ध्यान :-  निम्न मंत्रो का ध्यान जप के साथ करना चाहिए।

वैकुण्ठादागतं कृष्णं रथस्य करुणानिधिम्। किरीटसारथिम्  पुत्रमानयन्तं परात्परम्।

आदाय तं जलस्थं च गुरवे वैदिकाय च। अपर्यन्तम् महाभागं ध्यायेत् पुत्रार्थमच्युतम्।।

बीज मन्त्र :-

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।

देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।

ऊपर बताये गए विधियों के अनुसार सन्तान गोपाल मन्त्र  का जप तब तक करनी चाहिए जब तक आपकी मनोकामना की पूर्ति न हो जाए। मन्त्र जप के लिए तुलसी के माला का ही प्रयोग करना चाहिए। प्रतिदिन एक या दो माला का जप अवश्य करनी चाहिए। कुल सवा लाख मन्त्र जप करने का विधान है। मन्त्र जप पूरा होने पर कुल मन्त्र के जप का दशांश हवन, तर्पण तथा मार्जन अवश्य ही करना चाहिए। इसके बाद कम से कम पांच ब्राह्मणों को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है की मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

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About Dr. Deepak Sharma
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5 thoughts on “Santan Gopal Mantra | संतान गोपाल मन्त्र – पुत्र प्रदायक है

  1. […] स्थित है यह स्थिति आपके लिए अनुकूल है संतान  चाहने वाले व्यक्ति को संतान सुख […]

  2. A good many vaelubals you’ve given me.

  3. क्या शादी से पहले कोई लडका/लडकी संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ कर सकता है?

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