सूर्य ग्रह की शांति हेतु मंत्र पूजा दानादि विधि | Sun Planets Remedies

सूर्य ग्रह की शांति हेतु मंत्र पूजा दानादि विधि | Sun Planets Remedies. वास्तव में सूर्य की ज्योति का अध्ययन ही ज्योतिष का मूल लक्षण है। सूर्यदेव के आशीर्वाद के बिना किसी भी व्यक्ति के लिए सांसारिक अथवा आध्यात्मिक विकास संभव नही होता है। किसी भी कुंडली में सूर्य की शक्ति के आकलन पर ही व्यक्तिविशेष के विकास की सीमा निर्धारित की जा सकती है। सृष्टि के सृजन में सूर्य का विशेष महत्त्व है। यही नहीं होमादि यज्ञ करने वाले यजमानो के लिए उनका आराध्य देव माना गया है। सूर्य ही ब्रह्माण्ड का केंद्र है। सूर्य से ही समस्त सृष्टि में उद्भव, पोषण एवं प्रलय होता है। सूर्य में वह तेज है जो जातक को बहुमुखी प्रतिभा के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना गया है।

 

जन्मकुंडली में सूर्य ग्रह की महत्ता | Importance of Sun Planet

जन्मकुंडली में सूर्य और चन्द्रमा का प्रभाव किसी भी जातक के व्यक्तित्त्व पर मूलरूप से पड़ता है। ज्योतिष में सूर्य जन्मकुंडली में जिस राशि में होता है उस राशि को लग्न मानकर जातक के भविष्य का विश्लेषण किया जाता है। सूर्य लग्न मुख्य रूप से आध्यात्मिक स्तरों पर पड़ने वाले प्रभावों के विश्लेषण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे उत्पन्न फल दीर्घकालिक होते है। सूर्य के साथ ग्रहो की युति से अनेक प्रकार के योग उत्पन्न होते है। यथा सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग, वेशि योग, भास्कर योग इत्यादि।

सूर्य कारक ग्रह है | Significator of Sun Planet

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह आत्मा,पिता, लकड़ी, आभूषण, ताम्बा, स्वर्ण, शेर, मंदिर, किला, ह्रदय, चेहरा, आँख, पेट, सिर, बुखार, गंजापन इत्यादि का कारक ग्रह है।  सप्तम वा विवाह भाव में सूर्यादि ग्रहों की युति फल 

सूर्य ग्रह और स्वास्थय | Sun and Health

सूर्य ग्रह स्वास्थ्य को अधिक रूप से प्रभावित करता है। शरीर में स्थित आँख, हृदय गंजापन चेहरा पेट अस्थि बुखार इत्यादि पर सूर्य का विशेष रूप से प्रभाव होता है। यदि जन्मकुंडली में सूर्य ग्रह पीड़ित है तो उपर्युक्त अवयवों में विकार संभव है।  सूर्यादि ग्रहों की युति का फल 

सूर्य ग्रह शुभ तथा अशुभ दोनों फल देता है | Benefit of Sun Planet

सूर्य ग्रह यदि अनुकूल स्थिति में है तो जातक को आद्यात्मिक सुख के साथ समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाता है। यदि सूर्य जन्मकुंडली में शुभ स्थिति में है तो यह जातक मंत्रिपद प्राप्त करने की इच्छा को पूरा करने की शक्ति रखता है परन्तु यदि अगर सूर्य अशुभ स्थिति में है तो मान-सम्मान प्रतिष्ठा इत्यादि की इच्छापूर्ति से वंचित होना पड़ता है।  Sun in first house

सूर्य ग्रह शांति हेतु आराध्यदेव

सूर्य ग्रह के लिए आराध्य देव देवो के देव महादेव है। अतः सूर्य की शांति हेतु शिव की आराधना करनी चाहिए।

किस मंत्र से करे सूर्य ग्रह के दुष्प्रभाव को कम | Sun Mantra

जन्मकुंडली में सूर्य के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए सूर्य मंत्र का जाप करने से अनेक प्रकार की समस्याओ से निजात पा सकते है। यदि आप सूर्य के अशुभ प्रभाव से पीड़ित हैं या जन्मकुंडली में सूर्य ग्रह अशुभ स्थिति में है, तो आपको यह उपाय अवश्य करना चाहिए। सूर्य मन्त्र का जप रविवार के दिन से आरम्भ करना चाहिए।

सूर्य ग्रह के लिए तांत्रिक मंत्र | Tantrik Mantra for Sun

“ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नम:”

ॐ घृणि सूर्याय नमः

ॐ घृणि आदित्याय नमः

सूर्य ग्रह के लिए गायत्री मंत्र

ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्न: सूर्य प्रचोदयात।।

सूर्य ग्रह के लिए मंत्र जप संख्या

जप संख्या – 6000
हवन -600
तर्पण – 60
मार्जन – 6
ब्राह्मण भोजन – 1

सूर्य ग्रह शांति हेतु दान | Donation for Sun Planets

सूर्य ग्रह के लिए निम्नलिखित वस्तुओ का दान करना चाहिए। दान से पूर्व सूर्य ग्रह की पूजा विधिवत करनी चाहिए उसके बाद नवग्रह की पूजा करे। सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान रविवार के दिन दोपहर में जरूरतमंद मध्यम आयु के क्षत्रिय को दान देकर शुरुआत करनी चाहिए।  Sun in the Second House

गेहू
घी
पत्थर
उन
दवा
माणिक्य

सूर्य ग्रह के लिए तांत्रिक टोटका

  1. बहती नदी की धारा में ताम्बे के पैसे अर्पण करनी चाहिए।
  2. प्रतिदिन पिता को पैर छूकर आशीर्वाद लेनी चाहिए।
  3. प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ्य दे।

सूर्य ग्रह की शांति हेतु व्रत

सूर्य ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए जातक को रविवार का व्रत करना चाहिए। शुक्लपक्ष में प्रथम रविवार से आरम्भ करना चाहिए।

सूर्य ग्रह के लिए कौन सा रत्न धारण करें

यदि सूर्य ग्रह आपके कुंडली में शुभ है या योगकारी है या लग्न का स्वामी है और उसे बलप्रदान करना है तो वैसी स्थिति में जातक को स्वर्ण या पञ्च धातु में माणिक्य ( Ruby ) की अंगूठी पहननी चाहिए।  Sun in third house

सूर्य शांति के लिए किस रुद्राक्ष का धारण करे

जिस जातक का सूर्य कमजोर है वैसे व्यक्ति को एकमुखी रुद्राक्ष की पूजा तथा धारण करनी चाहिए।

 
Tagged with 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *