Vyatipat Yoga Date 2018 | व्यतिपात योग शुभाशुभ विचार

Vyatipat Yoga Date 2018 | व्यतिपात योग शुभाशुभ विचार. ज्योतिष शास्त्र में योग का अपना अलग ही महत्व है यदि योग शुभ परिणाम देने वाला है तो निश्चित ही शुभ फल देगा और यदि अशुभ फल देने वाला है तो अशुभ परिणाम देगा। इसी कड़ी में  व्यतिपात नामक एक योग है जिसका गुणगान वाराह पुराण में किया गया है। कहा जाता है की इस योग में प्राणायम, जप, पाठ, मानसिक जप, मंत्रो का उच्चारण इत्यादि करने से जातक के ऊपर ईश्वर की विशेष अनुकम्पा की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से भगवान् सूर्यनारायण प्रसन्न होते है। ऐसा लोक विश्रुत है कि व्यतिपात योग में जप करने वाले भक्त को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

व्यतिपात योग केवल गुरु भक्ति तथा सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए किये गए जप, तप, पाठ तथा मानसिक स्मरण आदि के लिए ही शुभ है अन्य शुभ कार्यो के लिए नहीं।

व्यतिपात योग का प्रभाव क्षेत्र | Effects of Vyatipat Yoga 

व्यतिपात योग का प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ता है। इस योग में नौकरी, बिजनेस या अन्य तरह के कार्यक्षेत्र में उथुल-पुथल मच जाती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए कुछ जरूरी कामों में व्यवधान आती है।

इस समय बिजनेस (Which Business is suitable for you ) करने वालों की भी टेंशन बढ़ जाती है अतः इस समय में कस्टमर से बहुत ही संभलकर व्यापारिक समझौता करनी चाहिए अन्यथा बनता हुआ काम बिगड़ सकता है। इस काल में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए यदि ऐसा नहीं करते है तो निश्चित ही मनोनुकूल परिणाम नही मिलेगा।

सामान्य कार्यो के लिए यह अशुभ योग है इस योग में अकारण विवाद और धन हानि की स्थिति भी बन सकती है। आप अपने आप में थकान और तनाव वाला दिन ब्यतीत रहा ऐसा महशुस करेंगे।  जातक को लेन-देन या निवेश मेंं सावधानी रखनी चाहिए। नीतिगत फैसला भी इस समय नहीं लेना चाहिए।

वाराह पुराण में व्यतिपात योग से जुडी कथा | Story of Vyatipat Yoga

वाराह पुराण के अनुसार व्यतिपात योग के पीछे का रहस्य सूर्यदेव ( जानें ! कैसे करें सूर्य उपासना ? )की गुरुभक्ति से जुड़ा हुआ है। देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत दृष्टि थी यह देखकर भगवान सूर्य देव दुखी और नाराज हुए उन्होनें इस बात को लेकर चन्द्रदेव को बहुत समझाया की आप ऐसा न करे परन्तु चन्द्रदेव ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया।

ऐसा देखकर सूर्यदेव अत्यंत दुखी हुए उन्होंने यह सोचा की मैने चंद्रदेव को सही बात बताई फिर भी मेरी बात पर ध्यान नही दिया। सूर्यदेव को अपने गुरुदेव का स्मरण हुआ उन्हें ऐसा लगा की चंद्रदेव को जिस गुरु तथा गुरु पत्नी के लिये मन में श्रद्धा, प्रेम तथा आदर होना चाहिये था आज वह उनके धर्मपत्नी के प्रति गलत नजर रखे हुए है ऐसा सोचकर सूर्यदेव की आँखों से आँसु बहने लगा यह समय ही व्यतिपात व्यतिपात योग कहलाने लगा। इसी कारण इस योग में यदि गुरु के प्रति श्रद्धा विश्वास का जप किया जाय तो सूर्यदेव शीघ्र ही प्रसन्न होते है।

Vyatipat Yoga Date 2018 | व्यतिपात योग  दिनांक 2018

क्रम सं0  तिथिदिनांकमहीनावर्षआरम्भ कालसमाप्ति कालमासपक्ष
1सप्तमी25दिसम्बर2018 07:25:3130:44:25 पौषशुक्ल
2तृतीया19& 20जनवरी201811:01:3411:18:21माघशुक्ल
3चतुर्दशी13 & 14फरवरी201814:13:4215:12:13फाल्गुनकृष्ण
4नवमी10 & 11मार्च201818:40:5019:49:43चैत्रकृष्ण
5प्रथमा30 & 01मई201820:21:4209:38:36वैशाखशुक्ल
6द्वादशी25 & 26मई201819:35:0818:29:48ज्येष्ठशुक्ल
7चतुर्दशी15 & 16जुलाई201820:31:3717:03:43आषाढ़शुक्ल
8अमावस्या10 & 11अगस्त201815:50:1311:43:44आषाढ़कृष्ण
9दशमी05सितम्बर201808:45:3829:30:00श्रावणकृष्ण
10सप्तमी31 & 01अक्टूबर201819:57:5817:39:52भाद्रपदकृष्ण
11द्वितीया25 & 26अक्टूबर201829:57:2127:42:34आश्विनकृष्ण
12त्रयोदशी20 & 21नवम्बर201817:22:1115:41:11कार्तिकशुक्ल
13नवमी15 & 16दिसम्बर201825:49:5925:46:26मार्गशीर्षशुक्ल

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About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Puja, donation, Rudraksh Therapy, Gemstone etc. For an appointment, come through Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9643415100 ( Please don`t call me for free counsultation )

 

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