जन्मकुंडली से जानें ! एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर्स है या नहीं ?

जन्मकुंडली से जानें ! एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर्स है या नहीं ?

एक्सट्रा मैरिटल अफेयर्स को हिंदी में विवाहेतर सम्बन्ध कहा जाता है अर्थात यदि किसी का अपने पति या पत्नी के अतिरिक्त अन्य किसी स्त्री या पुरुष से अंतरंग सम्बन्ध हो। इस सम्बन्ध को प्रेम सम्बन्ध भी कहा जाता है।  सामान्यतः यह सुनने में आता है कि किसी पुरुष या महिला के विवाह के बाद भी किसी अन्य व्‍यक्ति के साथ प्रेम संबंध चल रहा है तो विद्वानों की भाषा में ऐसे सम्बन्ध को एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर्स ( Extra Marital affair ) कहा जाता है ।

किन्तु एक प्रश्न उत्पन्न होता है कि क्या व्‍यक्ति ऐसा सम्बन्ध सोच-समझकर बनाता है या बस यूँ ही बन जाता है तो ज्योतिषी के नजर में कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्य जानबूझकर नही करता है बल्कि ग्रह-नक्षत्रों की अशुभ  स्थितियां उस जातक से यह सब करवाती हैं।  जब किसी जातक का जन्म होता है उसी समय विद्वान ज्योतिषी उसकी भविष्यवाणी करते हुए कहता है कि इस जातक को अमुक दशा और समय में प्रेम सम्बन्ध ( Love affair ) होगा और यही सम्बन्ध शादी के रूप में परिणत हो जाएगा या ब्रेक होगा ।

This image has an empty alt attribute; its file name is परामर्श-करें-min.png

आइए जन्मकुंडली के आधार पर यह जानने का प्रयास करते  हैं कि कौन से ग्रह तथा कौन सी दशाएं व्यक्ति को एक्सट्रा मैरिटल अफेयर के लिए उत्तरदायी है ।

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के लिए उत्तरदायी भाव, भावेश तथा ग्रह 

जन्मकुंडली में पंचम भाव मुख्यरूप से उत्तरदायी भाव है । इसी भाव से यह जाना जाता है कि किसी भी जातक अथवा जातिका के जीवन में प्रेम सम्बन्ध है या नहीं ? यदि लग्न अथवा लग्नेश का उपर्युक्त भाव वा भावेश के साथ सम्बन्ध बनता है तो समझ लेना चाहिए की व्यक्ति के जीवन में एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर जरूर होगा । मंगल और शुक्र एक ही राशि में स्थित हो तो कहा जाता है की प्रेम सम्बन्ध होता है ।

यदि जन्मकुंडली में लग्न, लग्नेश, पंचमेश, सप्तमेश, एकादशेश तथा द्वादशेश का एक दूसरे से सम्बन्ध बन रहा है तो व्यक्ति का एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन होता है। 

Name – xyz, DOB:- 12/9/1980, TOB:- 5:14, POB;- Delhi

ऊपर दृश्य जन्म कुंडली में जातिका  सिंह लग्न की है लग्नेश सूर्य लग्न में पंचमेश गुरु के साथ बैठकर सप्तम भाव को देख रहा है । सप्तमेश शनि दूसरे भाव में द्वादशेश चन्द्रमा  तथा एकादशेश बुध के साथ बैठा हुआ है । इस तरह से 1, 5, 7, 11 और 12 भाव भावेश एक दूसरे  के साथ सम्बन्ध बना रहा है । जातिका की शादी हो चूँकि है शादी के बाद किसी शादी-शुदा व्यक्ति के साथ एक्सट्रा मैरिटल रिलेशनशिप साथ-साथ चल रहा था। यही नही उसी विवाहेत्तर सम्बन्ध से संतान का भी जन्म हुआ है । जब इस बात की जानकारी जातिका के प्रेमी की पत्नी को पता चला तो और पत्नी ने विरोध किया परिणामस्वरूप जातिका ने सम्बन्ध तोड़ लिया । 

Tagged with 
About Dr. Deepak Sharma
Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Pooja, donation, Rudraksha Therapy, Gemstone, etc. My consultancy fee is 600 Rs for 1 question and 1100 Rs for horoscope analysis, for an appointment, click on Astro-Services Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9868549875, 8010205995 ( whatsapp No) Please don`t call me for a free consultation .

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *