About Dr. Deepak Sharma

Dr. Deepak Sharma is an expert in Vedic Astrology and Vastu with over 21 years experience in Horary or Prashn chart, Career, Business, Marriage, Compatibility, Relationship and so many other problems in life path. Remedies suggested by him like Mantra, Pooja, donation, Rudraksha Therapy, Gemstone, etc. My consultancy fee is 1100 Rs for horoscope analysis. Please don`t call me for a free consultation . For consultancy click Astro Services email - drdk108@gmail.com. Phone No 9868549875, 8010205995 ( whatsapp No)
Website: https://www.astroyantra.com
Dr. Deepak Sharma has written 647 articles so far, you can find them below.

IAS, IPS, IFS and IRS Combination in Vedic Astrology

IAS, IPS, IFS, and IRS Combination in Vedic Astrology. We all have dreams of a respectable career. The question of whether dreams will come true or not is also made in the mind of the people. Astrology can help you whether your dreams will come true or not. IAS (Indian Administrative Service) is a very […]
0

Yamitra Dosha in Marriage – विवाह मुहूर्त में यामित्र दोष और परिहार

Yamitra Dosha in Marriage – विवाह मुहूर्त में यामित्र दोष और परिहार  विवाह मुहूर्त में यामित्र दोष का परिहार अवश्य ही कर लेना चाहिए ऐसा नहीं करने पर विवाह उपरान्त दाम्पत्य जीवन में कष्ट मिलने की संभावना होती है। शास्त्रानुसार विवाह नक्षत्र से 14 वें नक्षत्र पर जब कोई ग्रह हो, तो यामित्र या जामित्र […]
0
Vedh Dosha in Marriage - विवाह में पंचशलाका और सप्तशलाका वेध दोष

Vedh Dosha in Marriage – विवाह में पंचशलाका और सप्तशलाका वेध दोष

Vedh Dosha in Marriage – विवाह में पंचशलाका और सप्तशलाका वेध दोष. विवाह में शुभ मुहूर्त निर्धारण के लिए अनेक प्रकार के दोषों का परिहार किया जाता है। पंचशलाका व सप्तशलाका चक्र वेध दोष को सभी जगह वर्जित माना गया है। ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार यदि विवाह मुहूर्त वाले दिन वेध दोष है तो उस […]
0

Chandra or Tara Bal – शुभ मुहूर्त निर्धारण में चंद्र और तारा बल का महत्त्व

Chandra or Tara Bal – शुभ मुहूर्त निर्धारण में चंद्र और तारा बल का महत्त्व. शुभ मुहूर्त का निर्धारण बिना चन्द्र और तारा बल के शुद्धि से नहीं हो सकता है इसलिए चंद्र और तारा शुद्धि अत्यंत ही आवश्यक विषय है। अतः किसी भी कार्य को शुरू करने से पूर्व तारा और चंद्र बल अवश्य […]
0

चलित कुंडली या दशम भाव मध्य स्पष्ट का निर्माण कैसे होता है?

चलित कुंडली या दशम भाव मध्य स्पष्ट का निर्माण कैसे होता है? जन्मकुंडली का निर्माण जिस विधि से किया जाता है सामान्यतः उसी विधि से सर्वप्रथम दशम भाव स्पष्ट निकाला जाता है उसके बाद लग्न के भोगांश और दशम भाव के भोगांश के आधार पर भाव मध्य निकाला जाता है। सबसे पहले एफिमेरीज़ की सहायता […]
0
जन्मकालीन करण का महत्त्व तथा उसका जीवन पर प्रभाव

जन्मकालीन करण का महत्त्व तथा उसका जीवन पर प्रभाव

जन्मकालीन करण का महत्त्व तथा उसका जीवन पर प्रभाव पंचांग अर्थात पञ्च अंग का मिश्रण। भारतीय हिंदू पंचांग पांच अंगों के मेल से बना है वह अंग है – तिथि, वार, योग, नक्षत्र और करण। इन्हीं अंगों के आधार पर ही कोई शुभ या मंगल कार्य किया जाता है। इनके मिलन से मुहुर्त का निर्माण […]
0

Internet Blogging Online Business & Entrepreneurship in Vedic Astrology

In the twenty-first century, the population of entrepreneurs is growing rapidly everywhere. People are giving special attention to their own business instead of jobs. Small and medium business opportunities have increased more in the coming days and years. Each day, more and more people are moving towards doing something on their own business rather than […]
1
Solar Eclipse 2021 - वर्ष 2021 के सूर्यग्रहण की तिथि, वार, नक्षत्र, समय तथा प्रभाव

Solar Eclipse 2021 – वर्ष 2021 के सूर्यग्रहण की तिथि, वार, नक्षत्र, समय तथा प्रभाव

Solar Eclipse 2021 – वर्ष 2021 के सूर्यग्रहण की तिथि, वार, नक्षत्र, समय तथा प्रभाव. सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत के लोगो पर विशेष रूप से प्रभावी नहीं होगा क्योकि यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दृश्य होगा। दिनांक 10 जून 2021, दिन गुरूवार वैशाख कृष्ण अमावस्या को सूर्यग्रहण इंडिया में दृश्य नहीं होगा। […]
0